मंडी,धर्मवीर(TSN)-हिमाचल के ट्रेडिशनल और हेल्दी फूड कहे जाने वाले सिड्डू को अब एक नया और फन्नी नाम मिल गया है। मंडी के सेरी मंच पर सजने वाली ग्रामीण हाट में सिड्डू बेचने वाली अंजू शर्मा ने सिड्डू को नया नाम दिया है। ’’मोमो के पापा’’,यह वही फन्नी नाम है जिससे अब सिड्डू को एक नई पहचान मिल रही है। अंजू शर्मा ने इसके पीछे की सारी कहानी भी बताई।
मंडी की महिलाओं ने हिमाचल के ट्रेडिशनल फूड को दिया फन्नी नाम
अंजू ने बताया कि गत वर्ष उन्हें दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सिड्डू का स्टाल लगाने का मौका मिला। वहां देश भर से जो लोग आए थे वे हिमाचल के इस ट्रेडिशनल फूड के बारे में नहीं जानते थे, lलेकिन जब उन्होंने इसे बनाने का तरीका देखा तो लोगों को लगा कि यह मोमो ही होंगे। तो ऐसे में अंजू शर्मा ने लोगों को समझाया कि यह मोमो नहीं, बल्कि मोमो के पापा हैं और मोमो से स्वाद और हेल्थ के मामले में कई गुणा बेहतर हैं।इस तरह उन्होंने वहां पर लाखों के सिड्डू लोगों को खिलाए,जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया। अब अंजू जब भी कहीं स्टाल लगाती हैं तो वहां पर यह बोर्ड जरूर टंगा होता है जिसमें ’’मोमो के पापा’’ लिखा होता है।अंजू ने बताया कि यह फन्नी नाम उन्होंने सिर्फ उन लोगों की सुविधा और आकषर्ण पैदा करने के लिए दिया है जिन्हें इस पारंपरिक व्यंजन के बारे में पता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल के व्यंजन का नाम बिगाड़ने का उनका कोई ईरादा नहीं है। हिमाचल के लोग अपने इस ट्रेडिशनल फूड को उसी नाम से जानते हैं और इसका स्वाद चखने जरूर आते हैं।
मोमो की तरह ही होती है बनाने की प्रक्रिया,लेकिन सामान और स्वाद है अलग
बता दें कि मंडी शहर के सेरी मंच पर शहरी आजीविका मिशन के तहत सप्ताह के हर शुक्रवार और शनिवार को ग्रामीण हाट सजाई जाती है।इसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं खुद द्वारा निर्मित तरह-तरह के उत्पादों को बिक्री के लिए लेकर आती हैं।इस दौरान यहां खाने-पीने के स्टाल भी लगते हैं। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ सिड्डूओं वाले स्टाल पर ही नजर आती है। यहां एक नहीं बल्कि करीब एक दर्जन महिलाएं सिड्डू बेचने आती हैं और उन सभी के पास लोगों की भारी भीड़ लगी रहती है। स्थानीय निवासी हिमांशी, अनवी नेगी और सुधीर कुमार गौड़ ने बताया कि पहले उन्हें सिड्डू खाने के लिए कुल्लू जाना पड़ता था लेकिन अब अपने शहर में ही तरह-तरह के सिड्डू खाने को मिलते हैं। मंडी में मिलने वाले सिड्डूओं का स्वाद अब लोगों की जुबान पर चढ़ गया है।
बता दें कि मंडी शहर के सेरी मंच पर सजने वाली इस ग्रामीण हाट से प्रेरणा लेकर अब प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह की हाट चलाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, जहां लोगों को स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ स्थानीय खान-पान की चीजें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
