भावना शर्मा: पहाड़ो की रानी शिमला जहां वर्ष भर पर्यटकों का तांता लगा रहता हैं। यहां पर्यटक ना केवल प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए आते हैं बल्कि शहर में बसी हुई ऐतिहासिक धरोहरें भी पर्यटकों को हमेशा से ही अपनी और आकर्षित करती रही हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के साथ ही बाहरी राज्यों के पर्यटक भी शिमला के दिल यानी रिज मैदान पर स्थित ऐतिहासिक गेयटी थियेटर जाना नहीं भूलते हैं। यह थियेटर अपनी ऐतिहासिकता के चलते मशहूर है ही लेकिन इसकी निर्माण शैली भी बेहद अद्भुत और आकर्षक हैं।
इस गेयटी थियेटर का जादू ना केवल ब्रिटिश कलाकारों के सर चढ़कर बोलता था बल्कि बॉलीवुड के कलाकार भी इस गेयटी थिएटर के जादू से खुद को नहीं बचा पाए थे। भारतीय सिने जगत के मशहूर अभिनेता शशि कपूर को तो यह गेयटी थियेटर इतना भाता था की वो इसे अपने साथ मुंबई ले जाना चाहते थे। वह गेयटी थियेटर को देख कर कहते थे कि में इस थियेटर की एक-एक ईंट मुंबई (बॉम्बे) ले जाना चाहता हूं, हालांकि उन्होंने इस थियेटर को खरीदने की इच्छा भी जाहिर की थी, लेकिन सरकारी इमारत होने के चलते वह इसे खरीद नहीं पाए। शशि कपूर ने अपनी पत्नी जेनिफर कपूर को यहीं प्रपोज किया था।
यह हैं इस थियेटर की खास बात
आपको यह भी जानकारी दे देंगे दुनिया भर में मात्र 6 गेयटी थिएटर हैं जिनमें से एक शिमला के रिज मैदान और मॉल रोड पर स्थित हैं। इन्हें 6 गेयटी थियेटर में से मात्र दो ही थिएटर का निर्माण गोथिक शैली में किया गया है जिसमें से एक शिमला का ऐतिहासिक गेयटी थियेटर हैं। इस थिएटर का निर्माण इस तरह से किया गया है कि आप रिज मैदान और मॉल रोड दोनों की तरफ से इसे थिएटर में प्रवेश कर सकते हैं। ब्रिटिश आर्किटेक्ट हैनरी इरविन ने इस गेयटी थियेटर का निर्माण विक्टोरियन गोथिक शैली में किया सन 1887 में किया था, जिस वजह से यह गेयटी थिएटर खुद को दुनिया भर के थिएटरों से अलग करता हैं।
बता दें कि ब्रिटिश कालीन समय में जब अंग्रेजों ने शिमला को अपनी समर कैपिटल बनाया तो यहां पर उन्हें एक थियेटर की कमी खलती थी जहां पर विदेशी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे सकें। उस समय शिमला में कोई थियेटर मौजूद नहीं था जिसके चलते विदेशों से जो कलाकार थियेटर करने या अन्य कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देने के लिए शिमला आते थे उन्हें अनाडेल ग्राउंड या फिर अंग्रेजी अफसरों के घरों में जाकर अपनी कला का प्रदर्शन करना पड़ता था। इसी कमी को दूर करने के लिए ब्रिटिश कालीन समय में शिमला को अंग्रेज क्लचरल सेंटर भी बनाना चाहते थे, इसी उद्देश्य से उन्होंने गेयटी थियेटर का निर्माण किया।
जब शिमला में यह गेयटी थियेटर बनकर तैयार हुआ तो इसे थियेटर को चलाने के लिए एक क्लब का निर्माण भी अंग्रेजों ने किया जिसे एमेच्योर ड्रामाटिक क्लब का नाम दिया गया। क्लब के साथ गेयटी थियेटर में रूडयार्ड किपलिंग, लार्ड किचनर, मेजर जनरल सर गोडफ्रे विलियम्स, बेंडेन पॉवेल जैसे मशहूर हस्तियों का भी इस थियेटर के साथ नाता रहा हैं और यह सभी इस गेयटी थियेटर के मुरीद थे।
थियेटर में प्रस्तुति के लिए नहीं पड़ती माइक की जरूरत
गेयटी थियेटर में दो अलग-अलग थियेटर हैं जिसमें से एक थिएटर जो ब्रिटिश कालीन समय में बना था वह गोथिक शैली में बनाया गया हैं। इस थियेटर का निर्माण इस तरह से किया गया हैं कि यहां कलाकार को अपनी प्रस्तुति देने के लिए माइक की जरूरत नहीं पड़ती हैं। इस थियेटर का निर्माण यू शेप में किया गया है जब भी थिएटर में कोई प्ले होता है तो बालकनी में बैठा हर व्यक्ति डायलॉग आराम से सुन सकता हैं।
टोम आलटर से लेकर पृथ्वी राज कपूर थियेटर में दे चुके हैं प्रस्तुतियां
आजादी के बाद से इस थियेटर में हिंदुस्तानी कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। सिने जगत से जुड़े कलाकारों के साथ ही अन्य कलाकार भी इस थियेटर से मुरीद रहे हैं। कुदंन लाल सहगल, पृथ्वी राज कपूर, टोम आलटर जैसे दिग्गज अभिनेता इस थियेटर में प्रस्तुति देना खुद का सौभाग्य मानते रहे हैं। इसके साथ-साथ अनुपम खेर, नशीरूद्दीन शाह, संजय मिश्रा भी इस थियेटर में अपना जादू बिखेर चुके हैं।
