अरविंदर सिंह,हमीरपुर: यह कैसी व्यवस्था हैं या फिर यूं कहें कि यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन हैं, जहां पर लोगों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी प्रशासन के दर जा कर बार-बार गुहार लगानी पड़ रही हैं। यह हालात कहीं और के नहीं बल्कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन की गोइस पंचायत के खोरड़ गांव के हैं। यहां के बाशिंदे सड़क सुविधा ना मिलने से इतने हताश हो चुके हैं कि अब यहां के भूतपूर्व सैनिक परिवारों ने सड़क सुविधा ना मिलने के चलते अपने मेडल तक उपायुक्त हमीरपुर को सौंपने का फ़ैसला कर लिया।
इतना ही नहीं अपने मेडल उपायुक्त को देने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को उपायुक्त से मिलने भी पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सैनिक व उनके आश्रित शामिल रहे जिन्होंने बताया कि बीते डेढ़ साल में प्रशासन के दर कई बार गुहार लगा चुके हैं कि खोरड़ गांव के लिए एंबुलेंस रोड का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए, लेकिनअब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सिर्फ एक परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए इस एंबुलेंस रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर रही हैं। उपायुक्त हमीरपुर ने आश्रित परिवारों की समस्या को सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया है कि 2 दिन के भीतर एसडीम मौके का निरीक्षण कर जल्द ही सड़क का काम शुरू करवाएगी ।
बता दें कि विस क्षेत्र नादौन की गोइस पंचायत के खोरड़ गांव के भूतपूर्व सैनिक परिवारों को सड़क सुविधा ना होने के चलते आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। अपने मेडलों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे भूतपूर्व सैनिक परिवारों ने उपायुक्त हमीरपुर से सड़क सुविधा ना होने पर बुजुर्ग व बीमार लोगों को हो रही दिक्कतों से अवगत करवाया और बताया कि एंबुलेंस रोड आम रास्ते से निकलना है जिसकी राजस्व विभाग दो बार निशानदेही कर चुना डलवाकर दे चुका हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सिर्फ एक परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए इस एंबुलेंस रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर रही हैं, इसलिए खोरड़ गांव के गांववासी आज पूर्व सैनिकों के साथ देश सेवा के लिए मिले मेडल लौटाना आए हैं। उन्होंने उपायुक्त से जल्द से जल्द सड़क का काम शुरू करवाने की मांग की हैं।
वहीं उपायुक्त हमीरपुर हेमंत बैरवा ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर गांव के प्रतिनिधि मंडल ने आज उनसे मुलाकात की है । उन्होंने बताया कि मौके की स्थिति की जानकारी लेने के लिए नादौन के एसडीम को 2 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं ।
