राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश में सुख की सरकार नहीं सूखी सरकार हैं। सीएम सुक्खू जिस तरह व्यवस्था परिवर्तन की बात कह रहे हैं, ऐसा न हो कि व्यवस्था परिवर्तन करते-करते सरकार का परिवर्तन हो जाए। यह बात धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कही।
परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में केंद्र से आई आपदा को राहत की बंदरबांट की जा रही है, ऐसा लगता है कि सरकार आपदा में भी संभावनाएं तलाश रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से भेजी गई राहत राशि प्रभावितों को न मिलकर, चहेतों को बांटी जा रही हैं।
मंत्रिमंडल को लेकर उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में कांगड़ा से 4 नेता मंत्रिमंडल में थे, जबकि कांग्रेस ने कांगड़ा से मात्र एक मंत्री बनाया हैं। कई कतार में है, कईयों के नाम तो उछाले जाते हैं, लेकिन बाद में वापिस ले लिए जाते हैं। यह कांगड़ा की जनता के साथ षडयंत्र है या यूं कहें कि जिला का एक तरह से म+र्डर किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि 7 माह में की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। कोरोना काल में दो साल तक जान पर खेल कर सेवाएं देने वाले 10 हजार कोरोना वॉरियर्स को बिना वेतन काम करना पड़ रहा है, सरकार इन्हें बेरोजगार करने पर उतारू हैं।
परमार ने कहा कि कांग्रेस नेता विपक्ष में रहते हुए जिन अधिकारियों पर भ्रष्टा+चार के आरोप लगाते थे, आज उन्हीं अधिकारियों को सलाहकार बनाया जा रहा हैं। आलम यह है कि सरकार में आपसी तालमेल नहीं हैं, ऐसा लगता है कि सरकार अपनों से ही डरी हुई हैं। प्रदेश में सरकार संवेदनहीन है, लेकिन विपक्ष मजबूत है और संवेदनशील है ओर शांत नहीं बैठेगा। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर, विधायक कांगड़ा पवन काजल, जिला अध्यक्ष कांगड़ा सचिन शर्मा, संजय शर्मा सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
