अरविंदर सिंह, हमीरपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से कांगड़ा जिला को टुरिज्म राजधानी बनाने की घोषणा की गईं हैं। इसी घोषणा को अब अमलीजामा पहनाने का काम भी अब शुरू कर दिया गया हैं। इसके तहत वन विभाग के वन्य जीव विंग की ओर से पौंग डैम की खूबसुरती को बढ़ाने, वहां आने वाले विदेशी परिंदों की सुरक्षा करने ओर पौंग डैम के विस्थापितों के स्थापन ओर उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा हैं।
पौंग डैम में इस समय विदेशी परिंदों को बचाने के लिए लगभग 6 के करीब गैर सरकारी संस्थाएं भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही विस्थापितों और पौंग डैम के साथ लगते गांवों के युवाओं और महिलाओं को रोजगार के संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से उन्हें सिलाई-कढाई,उद्योगों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की योजना तैयार की जा रही हैं। जिससे की विस्थापित पौंग डैम के नजदीक पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण में अहम भूमिका निभा सके। इसके साथ ही पौंग डैम के अंदर अन्य स्थान चयनित किए जा रहे हैं जिनको पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके और पर्यटक वहां जा सके।
डीएफओ वन्यजीव आर. रोयसटन ने बताया कि छा़त्रों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने लिए एक प्रशिक्षण केंद्र ओर पुस्तकालय की स्थापना की गई हैं। छात्रों को क्लबों के साथ जोड़ा जा रहा हैं। इसमें उन्हें वन्य जीवों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पौंग डैम सैचुरी के अंदर भी कुछ क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा हैं ताकि पर्यटक वहां जा सकें। इससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
