नाहन/देवेन्द्र कुमार: नाहन तहसील के आमवाला गांव की प्रगतिशील महिला किसान सत्या चौहान ने फूलों की खेती शुरू की है। आने वाले त्योहारों के सीजन को देखते हुए उन्होंने गुलाब और गेंदे की बड़े स्तर पर पैदावार करने कोशिश की है। क्षेत्रीय कृषि एवं उद्यान अनुसंधान एवं परिक्षण केंद्र धौलाकुआं की प्रधान पुष्प वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका ठाकुर और एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विशाल राणा की देखरेख में सत्या चौहान ने फूल तैयार किए है। यहां की मिट्टी और जलवायु फूल उत्पादन के लिए काफी अनुकूल है। शुरू में उन्होंने गेंदे और गुलाब ही तैयार किए है लेकिन आने वाले समय में अन्य किस्मों के फूल भी यहां तैयार किए जाएंगे।

सत्या चौहान ने बताया कि आमवाला गांव में जंगली जानवरों का प्रकोप होने से लोगों ने अपनी पुश्तैनी फसलें लगानी लगभग बंद कर दी है। जिन खेतों में पहले मक्की और गेहू होता था , वह खेत वर्तमान में जंगली जानवरों के प्रकोप से बंजर पड़े है। जिसे देखते हुए उन्होंने अपने खेतों में गेंदा तैयार करने का फैसला लिया क्योंकि गेंदे को बंदर और अन्य जानवर भी नुकसान नहीं पहुंचाते है। शुरू में उन्होंने तीन चार खेतों में इसे प्रयोग के रूप में तैयार किया है। लेकिन इसकी अच्छी पैदावार होने पर इसे व्यापक स्तर पर तैयार किया जाएगा।

सर्दियों के दौरान तैयार होने वाले पांच दर्जन से अधिक फूलों की पनीरी तैयार कर दी है। जो सर्दियों में फूल देना शुरू कर देगी। डॉ. प्रियंका ठाकुर ने बताया कि आमवाला गांव की जलवायु और मिट्टी के हिसाब से यहां पर सभी प्रकार के फूल तैयार हो सकते है। किसान अपनी अन्य फसलों के साथ साथ फूलों की खेती भी शुरू सकते है। जो उन्हें फसलों के साथ साथ अतिरिक्त आय प्रदान करेगी।

