अरविंदर सिंह, हमीरपुर: नादौन के लोहारखर ओर गाहलिया में गनेडोर्मा की एक ही खेती से 40 महिलाओं ने दो महीने में 2 लाख 12 हजार रुपए कमाए है। महिलाओं को औषधीय मशरूम की खेती के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए निशुल्क 3 दिवसीय ट्रेनिंगअनुभवी ट्रेनर्स की ओर से करवाई गई थी। ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को औषधीय मशरूम गनेडोर्मा की खेती के लिए प्रति महिला 15 निशुल्क बैग भी उपलबद्ध करवाए गए थे और फिर उनकी उपज को उनके घर द्वार से 1000 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा गया था जिससे यह मुनाफ़ा महिलाओं को हुआ है।
भाजपा ज़िला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के सहयोग से हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आजीविका को सशक्त करने के लिए लोगों को औषधीय मशरूम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए अनुराग सिंह ठाकुर के सहयोग से लोगों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, औषधीय मशरूम के बैग निशुल्क दिए जा रहे हैं और उपज को घर-द्वार से खरीदा जा रहे।
अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि यह हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक सुनेहरा अवसर है जब बायबैक की गारंटी दी जा रही है यानी, औषधीय मशरूम के प्रकार के अनुसार 1000 रुपए प्रति किलो तक की कीमत सुनिश्चित कर दी जाती है और उपज हासिल होने पर, लोगों के गांव से ही खरीद कर, वजन अनुसार भुगतान कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर के तापमान के अनुसार गर्मियों में गनेडोर्मा और सर्दियों में शिटाके मशरूम की खेती की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अब अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में 300 महिलाओं को शिताके मशरूम की खेती के लिए निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो की सर्दी की फसल है। प्रशिक्षण के बाद मशरूम बैग महिलाओं के घर तक निशुल्क पहुंचाएं जाएंगे, उपज तक टेक्निकल टीम की ओर से पूरी निगरानी रखी जाएगी और जरूरी सुविधाए एवं उपकरण भी अनुराग सिंह ठाकुर के सहयोग से उपलबद्ध करवाए जायेंगे और उपज के खरीद की गारंटी दी जाएगी।औषधीय मशरूम के उच्च बिक्री मूल्य और खरीद की गारंटी से हमीरपुर के लोगों को आजीविका कमाने में सहायता मिल रही है।
