संजू चौधरी, शिमला: राजधानी शिमला के सुप्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में नवरात्रि उत्सव के बाद बुधवार को विजयादशमी को बड़े धूम,धाम से नाच गानों के साथ मां दुर्गा की विदाई की गई। इस दौरान शिमला में रह रहे बंगाली महिलाओं ने अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए सिंदूर की होली खेली। सुहागिनों ने दुर्गा मां की मूर्ति की पूजा की उसके बाद महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और आपस ने सिंदूर खेला।
कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा के बाद दुर्गा मां की मूर्ति की विदाई के बाद सिंदूर की होली खेलने वाली बंगाली महिलाओं ने बताया कि दशमी के दिन मां दुर्गा की मूर्तियों की विदाई कर विसर्जन किया जाता है। ऐसे में मां जब जा रही होती है तो गम भी होता है और मां की पूजा की इसलिए खुशी भी होती है। मां दुर्गा को सिंदूर पसंद है इस लिए अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए सिंदूर की होली खेली जाती है और नृत्य किया जाता है।
इसके बाद मंदिर में स्थापित की गई मां दुर्गा की मूर्तियों को विसर्जन के लिए आइटीबीपी तारा देवी के तालाब में ले जाया गया,जहां मूर्तियों का विधिवत रूप से विसर्जन किया गया। बता दें कि वर्षों से शिमला के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में यही परंपरा चली आ रही है। यहां बंगाली समुदाय के लोग छठे नवरात्र को मां दुर्गा की मूर्तियों को कालीबाड़ी के भव्य पंडाल में स्थापित करते हैं जिसके बाद उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। स्थानीय लोगों के साथ ही कोलकाता में भी से भी लोग इस पूजा में शामिल होने के लिए कालीबाड़ी आते हैं। वहीं दशमी के दिन भी धूमधाम से मां की मूर्तियों का विसर्जन पूरा किया जाता है।
