संजु चौधरी, शिमला: कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय- शिमला की ओर से स्वयं सहायता समूह एवं कृषक उत्पादक संघ के उत्पादों की पांच दिवसीय प्रदर्शनी का आगाज सोमवार से शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर हो गया हैं। यह मेला आज से 3 मार्च तक चलेगा जिसमें ग्रमीण महिलाओं को अपने हाथों से बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए मंच प्रदान होगा।
नाबार्ड की ओर से आयोजित इस मेले में समर्पित स्वयं सहायता समूहों के ग्रामीण महिलाओं और किसान उत्पादक संगठनों के किसानों की ओर से तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई हैं। इसमें शॉल, पट्टू, टोपी, सदरी, अचार, शहद जैसे अन्य ग्रामीण निर्मित उत्पाद शामिल हैं।
नाबार्ड के क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉक्टर सुधांशु मिश्रा ने बताया कि मेले में पूरे हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 30 स्वयं सहायता समूह ओर किसान उत्पादक संगठन हिस्सा ले रहे हैं। शिमला में इस तरह के मेले नाबार्ड की ओर स्व कई वर्षों से लगाए जा रहे हैं, जिसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों को बेचने ओर खरीदने का सुअवसर दिया गया हैं।
उन्होंने बताया कि दिवाली उत्सव मेला अक्तूबर में किया गया था जिसमें करीब 35 लाख की बिक्री हुई थी। इन मेलों के माध्यम से ग्रामीण स्वंय सहायता समूह की महिलाओं में उद्यमिता विकसित करना, इनके आत्म सम्मान को बढ़ाना, बाज़ार की पसंद के अनुसार अपने उत्पादो एव उत्पाद की पैकेजिंग एवं ग्रेडिंग को बढ़ावा देना हैं।
