संजु चौधरी, शिमला: अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर बुधवार को शिमला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र का अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस प्रति वर्ष 22 मई को दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाने और जैविक विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता हैं। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2023 का विषय “फ्रॉम एग्रीमेंट टू एक्शन: बिल्ड बैक बायोडायवर्सिटी” रहा। शिमला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना व पद्मश्री नेक राम ने जैव विविधता पर विचार रखते हुए इसका संरक्षण को जरूरी बताया।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि सरकार के स्तर पर इसका महत्व लोग समझ नहीं पाए हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि पद्मश्र नेकराम हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि उनसे आग्रह किया गया है कि वह मंडी तक सीमित ना रह कर पूरे प्रदेश में आगे आकर लोगों को जागरूक करें। जैव विविधता के संरक्षण के साथ वर्तमान स्थिति में इसका किस तरह से दोहन करना हैं और हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।
इस मौके पर पद्मश्री नेकराम ने कहा कि वह पिछले 20 से 25 वर्षों से जैव विविधता के लिए अपने गांव व आसपास के क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। जैव विविधता एक महत्वपूर्ण विषय हैं जो लगातार खत्म होती जा रही हैं। कृषि,वन, हॉर्टिकल्चर में विविधता खत्म होती जा रही हैं। मिट्टी में विविधता काफी आवश्यक हैं। मिट्टी में पैदा हुए खाद्य पदार्थ सीधे पेट में जाएंगे जिससे यह विविधता काफी जरूरी हैं।
