Summer express/शिमला, संजू -: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने भूमिहीन परिवारों, सीमांत किसानों, कर्मचारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी देकर आम जनता को बड़ी राहत देने का प्रयास किया है।सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सरकारी भूमि पर लंबे समय से रह रहे पात्र परिवारों को राहत देने से जुड़ा है। कैबिनेट ने ‘रेगुलराइजेशन पॉलिसी-2026’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत आवास, कृषि और बागवानी उपयोग के लिए 20 बीघा तक सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को नियमित करने का प्रावधान किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप तैयार इस नीति को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने उन 6356 किसानों के लिए विशेष सहायता योजना मंजूर की है, जिनकी भूमि कृषि ऋण बकाया होने के कारण नीलामी की प्रक्रिया में है। तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर लगने वाले ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्टाफ नर्स, 250 मल्टी टास्क वर्कर, 76 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियनों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में 75 असिस्टेंट प्रोफेसर के नए पद सृजित किए जाएंगे। सरकाघाट अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर और बद्दी अस्पताल को 200 बिस्तरों तक विस्तारित किया जाएगा।कर्मचारियों से जुड़े फैसलों में अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया गया है। वहीं 31 मार्च 2026 तक सात वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी का दर्जा मिलेगा। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश भी प्रदान किया जाएगा। करुणामूलक नियुक्ति के अस्वीकृत मामलों की दोबारा समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने हिमकेयर योजना को बीमा मॉडल पर संचालित करने की मंजूरी दी है। अब पात्र लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और बीमा कवर को बढ़ाकर 7 लाख से 10 लाख रुपये तक किया जाएगा।इसके अलावा गद्दी समुदाय और भेड़ पालकों के लिए ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को स्वीकृति दी गई है। विभिन्न मेलों को राज्य, राष्ट्रीय और जिला स्तरीय दर्जा देने के साथ ही अग्निकांड प्रभावित 15 परिवारों को सात-सात लाख रुपये की सहायता देने का भी फैसला लिया गया। मल्टी टास्क वर्कर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी गठित की जाएगी।
