मंडी/परी शर्मा- मंडी शहर में बंदरो और आवारा कुत्तों की भरमार है। आए दिन बंदरों और कुत्तों के डर से लोगो को अपने बच्चों को अकेले स्कूलों में भेजने में परेशानी आती है। वही आवारा कुत्तों की तादात शहर में देखी जा सकती है। लोगों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए नगर निगम मंडी भी प्रयासरत है और कुत्तों के लिए छिपणु में एक सेंटर बनाने पर विचार कर रहा है।मंडी नगर निगम क्षेत्र में आए दिन आवारा कुत्तों और बंदरों की तादात बढ़ने लगी है। हालात यह है कि लोगों को अकेले बच्चों को स्कूल भेजना भी खतरे से खाली नही है।
कुत्तों के लिए छिपणु में एक सेंटर बनाने पर निगम कर रहा विचार
मंडी नगर निगम के उप महापौर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि मंडी शहर और नगर निगम के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में बंदरों और आवारा कुत्तों की भरमार है।जिससे लोगों को निजात दिलाने के लिए निगम प्रयासरत है। उपमहापौर ने कहा कि इसको लेकर एक बैठक भी हुई थी। बैठक में निर्णय लिया था कि कुत्तों के लिए सदन खोला जाएगा। जिसपर पुरानी नगर निगम से भी जानकारी ली जाएगी। उन्होने कहा कि छिपणु में डॉग केयर सेंटर खोलेगे और शहर भर के सारे कुत्तों
को ले जाकर इनकी देखभाल के लिए वेटनरी फार्मासिस्ट, आउटसोर्स पर या सेवानिवृत लोगों को रखेगेे।
वही बंदरों के आतक से भी मंडी शहरवासी परेशान है। उप महापौर ने कहा कि बंदरों की समस्या को लेकर डीएफओ से बात की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि 2 से 3 लाख का बजट आता है, जिसमें बंदरों के ऑपरेशन करके जंगलों में छोड़ते है। इसी कड़ी में नगर निगम भी अगली बैठक में बजट उपलब्ध करवाएगा और इसपर कार्य किया जाएगा। वही बंदरों के लिए ज़ू के प्रस्ताव को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमाहापौर ने कहा कि प्रसताव सरकार को भेजने के लिए विचार करेगें लेकिन ये क्षेत्र वन विभाग के लिए आता है।
