मंडी :धर्मवीर (TSN)-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में मेडस्वान फाउंडेशन द्वारा हिमाचल में संचालित की जा रही 108 और 102 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा ने 16 जनवरी 2024 को हिमाचल प्रदेश राज्य में अपनी सेवा के 2 सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। अपने 2 वर्षों के संचालन में मेडस्वान फाउंडेशन द्वारा संचालित आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं से लाखों लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं और यह सेवा हजारों अनमोल मानव जीवन बचाने में सक्षम रही।
108 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा के तहत प्रदेशभर में 248 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं जो संकटग्रस्त लोगों को 24 घंटे सफल सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसी प्रकार 102 सेवा के तहत प्रदेश भर में 148 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा ने राज्य में अपने संचालन के पिछले 2 वर्षों के दौरान लाखों लोगों का विश्वास जीता है,। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य में औसतन लगभग हर 4 मिनट में एक लाभार्थी 108 एम्बुलेंस सेवा द्वारा आपात स्थिति में लाभान्वित हुआ है। पिछले 2 वर्षों के दौरान प्रदेशभर में औसतन प्रत्येक माह 11 हजार से अधिक लोग 108 एम्बुलेंस सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं, जिसमें कई गंभीर रेफरल आपात स्थितियों में समय पर सेवाएं भी शामिल हैं। जिनमें 108 एम्बुलेंस सेवा ने मरीज को सुरक्षित रूप से रेफर अस्पताल में भर्ती कराया है। 16 जनवरी 2024 तक पिछले 2 वर्षों के दौरान 108 एम्बुलेंस सेवाओं ने प्रदेश भर में 2 लाख 64 हजार से अधिक चिकित्सा संबंधित आपातकालीन स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान देकर बहुमूल्य मानव जीवन बचाया हैं। इसके अलावा इस सेवा ने 16 हजार से अधिक पुलिस व 900 से अधिक अग्नि संबंधित आपातकालीन स्थिति में समय रहते सहायता प्रदान की है।
गर्भावस्था संबंधित आपात स्थितियों में रहा कुशल प्रबंधन
108 एम्बुलेंस सेवा ने गर्भावस्था संबंधित आपात स्थितियों में कुशल प्रबंधन दिखाते हुए प्रशिक्षित एम्बुलेंस कर्मचारियों द्वारा 1 हजार 964 सफल प्रसव कराए गए है। मेडस्वान फाउंडेशन जिला प्रबंधक सौरव ने बताया कि जिला मंडी में 108 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा ने पिछले 2 वर्षों की अवधि में लगभग 35 हजार लोगों को आपात स्थितियों में अस्पताल पहुंचाया हैं। जिनमें से 6,150 से अधिक गर्भावस्था संबंधित आपात स्थितियाँ थीं। इतना ही नहीं जिला मण्डी में 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों द्वारा 210 सफल प्रसव करवाए गए है। जानवरों के काटने की घटनाओं हों या हृदय संबंधी आपातस्थितियाँ, प्रत्येक आपात स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया से सैकड़ों लोगों की जान बचाई गई है।
