संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में 11 नई वॉल्वो बसों को भी शामिल कर दिया हैं। इन वॉल्वो बसों को शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कैथलीघाट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एक बस की कीमत सवा करोड़ रुपए के लगभग की हैं। सरकार प्रदेश और प्रदेश के बाहर धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए लोगों को वॉल्वो बस सेवा देने जा रही हैं। आज शिमला से मनाली के लिए दिन के समय वॉल्वो बस सेवा शुरू की गई हैं।
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी राज्यस्थान के जयपुर के लिए वॉल्वो बस सेवा शुरू करना चाहती हैं और सिक्योरिटी क्लीयरेंस के बाद श्रीनगर के लिए भी वॉल्वो बस सेवा शुरू होगी। इसके अलावा टापरी से चंडीगढ़,चिंतपूर्णी से दिल्ली के लिए भी बस सेवा शुरू करने जा रहें हैं। वहीं डिप्टी सीएम ने कहा कि धर्मशाला में 15 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच गई हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वहीं शिमला में 20 इलैक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। 75 सिटी इलेक्ट्रिक बसें खरीदने को भी मंजूरी मिल गई हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वॉल्वो बसों के बेड़े को एचआरटीसी बढ़ा रहा हैं और अवैध रूप से चल रही वॉल्वो बसों पर नकेल कसने के लिए सरकार तमिलनाडु हाई कोर्ट के कानून को हिमाचल में लागू कर रही हैं। अवैध वॉल्वो बस चलाने वालों पर सरकार की ओर से शिकंजा कसा जाएगा।
घाटे से उभर रही एचआरटीसी
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कोविड काल में एचआरटीसी काफी घाटे में चल रहा था लेकिन अब धीरे-धीरे निगम पटरी पर लौट रहा हैं। निगम की मासिक आय 65 करोड़ हैं,जबकि खर्चा 144 करोड़ के लगभग हैं। घाटे को पुरा करने के लिए सरकार से मदद मिल रही हैं। इस बार एचआरटीसी कर्मचारियों को तनख्वाह देने में भी काफी देरी हुई हैं, जबकि पेंशनरों का मसला भी लंबित हैं भविष्य में इस तरह ना हो इसके लिए एचआरटीसी मेकैनिज्म तैयार कर रहा हैं।
