विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: हजारों लोगों की आंखों की अनमोल रोशनी बचाकर कैप्टन संजय का जसवां-परागपुर क्षेत्र को मोतियाबिंद मुक्त करने का अभियान के तहत मंगलवार को डाडासीबा में 127 मरीजों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। समाजसेवी संजय पराशर का यह अभियान लक्ष्य को छूने के करीब पहुंच गया है। अभियान के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में मरीज आखों की जांच करवाने आ रहे हैं। मई माह में शुरू किए गए इस चरण में अब तक 4518 मरीज अपनी आखों की जांच करवा चुके है। शनिवार को यही निशुल्क व्यवस्था संजय की ओर से परागपुर व रक्कड़ में उपलब्ध करवाई जा रही है।
जसवां-परागपुर क्षेत्र की हर पंचायत में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के बाद पराशर ने क्षेत्र में दूसरे चरण की शुरूआत की। क्षेत्र को दो जोन डाडासीबा और रक्कड़ बेल्ट में बांटा गया है, जहां हर मंलगवार और शनिवार को आखों के मरीजों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सक करते है। बड़ी बात यह भी है कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों का मेडिकल फिटनेस, ई.सी.जी., बीपी एवं शुगर की जांच को प्राथमिकता के साथ तत्काल करवाया जा रहा है, ताकि ऑपरेशन के लिए दूर दराज से आने वाले मरीजों को अस्पताल में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए निर्धारित स्थानों पर लाभार्थी पहुंच रहे हैं। डाडासीबा, रक्कड़ और परागपुर में आसपास की पंचायतों के स्थानीय वासी निर्धारित स्थानों पर पहुंच रहे हैं और आंखों का इलाज करवा रहे है। इसके अलावा क्षेत्र की उन पंचायतों में पराशर डॉक्टरों की टीमें भेजते हैं, जहां पर बुजुर्ग मरीज इन स्थानों पर पहुंचने में असमर्थ है। दूसरे चरण 4212 मरीजों को आई ड्रॉप्स और 2673 को निशुल्क चश्मे प्रदान किए गए। अब तक हजारों मरीजों के मोतियाबिंद के आपरेशन हो चुके हैं।
मंगलवार को डाडासीबा में पहुंचे 127 मरीजों में 92 को निशुल्क चश्मे और 102 को आई ड्रॉप्स दिए गए। संजय पराशर का कहना था कि वह जसवां-परागपुर को मोतियाबिंद मुक्त करने का अभियान तब तक चलता रहेगा, जब तक एक मरीज भी इस व्यवस्था का लाभ लेने आता रहेगा। पहले चरण में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया तो उसमें 44000 से ज्यादा लाभार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद अब दूसरा चरण शुरू किया जा चुका है, जिसमें लाभार्थी पहुंच रहे है। उन्होंने कहा कि मोतयाबिंद के जितने भी मरीज आ रहे है, उनके ऑपरेशन की भी व्यवस्था की जा रही है। पराशर ने कहा कि जसवां-परागपुर क्षेत्र में आंखों का अस्पताल खोलना उनका लक्ष्य भी है और संकल्प भी। अब इसे लेकर प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
