राहुल चावला,धर्मशाला(TSN)-स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेश गुलेरी ने धर्मशाला में पत्रकारवार्ता में कहा कि स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में तय किया गया है कि फिक्स एक्सरे के लिए हैंड सेट 35 लाख तक की मशीन स्थापित किए जाने के प्रयास किये जाएंगे। 213 नए केस डिडेक्ट किए गए हैं।निक्षय मित्र के लिए भी प्रयास कर रहे है,जिसमें 800 के करीब एक साल में जोड़े गए हैं।इसमें ग्राम पंचायत में 814,165 को टीबी मुक्त घोषित किये गए थे।उसमें एक हजार टेस्ट में मरीज निकलने सहित निक्षय मित्र होने चाहिए।2025 में 235 पंचायतों को टीबी मुक्त के लिए उचित पाई गई हैं, हालांकि फाईनल सर्वे होना अभी बाकि है।
टीबी होने के बहुत से लोगों में जोखिम
डॉ.राजेश गुलेरी ने कहा कि टीबी के तहत एक सौ दिनों के अभियान का आगाज पालमपुर से किया गया था।क्षय रोग को लेकर रिसर्च में पाया गया है कि टीबी होने के बहुत से लोगों में जोखिम है,उनमें लक्षण तो नहीं आता लेकिन वह अन्य लोगों को भी प्रभावित कर सकते हैं।सात दिसम्बर से 16 किस्म के वर्ग है,जिन्हें टीबी होने की संभावना हो सकती है।17 लाख के करीब आबादी है,दो लाख 61 हजार जोखिमपूर्ण आबादी पाई गई थी।निक्षय पोर्टल में 10 सवालों के तहत रजिस्ट्रेशन किया गया।सिम्टम्स न होने पर उन्हें टेस्ट करवाये गए। 70 दिनों में 96 प्रतिशत का दो लाख 41 हजार के अपलोड कर चुके हैं।22 हजार के करीब 10 हजार लोगों के एक्सरे टेस्ट करवा चुके हैं। 19 से 20 फिक्स है, जबकि तीन मशीनें घर-घर जाकर एक्सरे करने में उपयोग में लाई गई।
स्वास्थय योजनाओं के संचालन को लेकर की गई समीक्षा
सीएमओ ने कहा स्वास्थय योजनाओं के संचालन को लेकर समीक्षा की गई,इसमें खामियां पाए जाने पर इसे दरूस्त करने के भी दिशा-निर्देश दिए गए है।राष्ट्रीय बाल सुरक्षा के तहत स्कूलों में बच्चों की जांच की जा रही है।एकीकृत डिजीज सर्विलांस के कार्यक्रम पर भी गहनता से चर्चा हुई है। जोनल अस्पताल धर्मशाला नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस मानकों में खरा उतरा है।आज 86 नेशनल में सर्टिफाइड है,10 का फरवरी में ही नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए जाएंगी,जबकि अन्य स्टेट से सर्टिफाइड है।जिला के स्वास्थ्य प्राथमिक केंद्र व हेल्थ वेलनेस सेंटर को 50 फीसदी नेशनल व स्टेट सर्टिफआई का लक्ष्य रखेंगे।
