मनमिन्दर अरोड़ा /कुल्लू – हिमाचल प्रदेश में आज सड़कों पर हजारों बेसहारा पशु घूम रहें हैं , लेकिन सरकार गंभीर नहीं हैं। अगर जल्द ही इस समस्या का हल नही किया गया तो भारतीय किसान संघ इस बारे सरकार का विरोध करेगा। कुल्लू में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संघ की राष्ट्रीय महिला प्रमुख मंजू दीक्षित ने कहा कि आज किसानों का भी बेसहारा पशुओं के कारण नुकसान हो रहा है और सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आखिर किसान क्यों भुगते। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो किसान व बेसहारा पशुओं को साथ लेकर किसान संघ आंदोलन करेगा।
मंजू दीक्षित ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेसहारा पशुओं के लिए गो अभ्यारण व गौ सदन बनाने की भी बात कही गई। लेकिन वह बात भी आज धरातल पर नहीं दिख रही है। ऐसे में बेसहारा पशुओं के लिए जल्द से जल्द सरकार योजनाओं को लागू करें। वही देश भर के किसानों को भी आज फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है, उस दिशा में भी भारतीय किसान संघ लगातार काम कर रहा है। हिमाचल प्रदेश की अगर बात करें तो यहां पर सेब का समर्थन मूल्य भी कम है। मंजू दीक्षित का कहना है कि कश्मीरमें सेब का समर्थन मूल्य 65 से ₹70 प्रति किलो तक रखा गया है और बी ग्रेड के सेब को भी वहां पर अच्छे दाम मिलते है।
ऐसे में हिमाचल के सेब को भी कश्मीर की तर्ज पर सेब का समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए। ताकि बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो सके। मंजू दीक्षित ने कहा कि आज के समय में फसलों की लागत बढ़ गई है और उसके बाद मंडियों में किसान को उचित समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते देश भर में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ सरकार से मांग करता है कि किसानों की फसलों पर जो लागत आती है उससे अधिक मूल्य किसानों को दिया जाना चाहिए। ताकि किसान कर्ज में डूब कर आत्महत्या ना कर सके।
किसान सम्मान निधि बढाइ जाए
राष्ट्रीय किसान संघ ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से देश के करोड़ों किसानों की मदद हुई है। लेकिन अब बीज दवाइयों के दाम भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 10 हजार रुपए की जानी चाहिए।
