भावना शर्मा: शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर मंगलवार को मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। मंगलवार सुबह 8 बजे से लेकर मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी जो शाम 4 बजे तक लगातार जारी रही। इस बार में इस वर्ष नगर निगम चुनावों में 58. 97 फ़ीसदी मतदाताओं ने मतदान किया हैं। शिमला में चुनाव के दिन है सुबह से लेकर मौसम खराब बना हुआ था लगातार हो रही बारिश के बीच भी लोगों ने घरों से बाहर निकलकर नगर निगम चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यही वजह रही थी इस वर्ष नगर निगम चुनावों के मतदान प्रतिशत था पूर्व में करवाए गए मतदान प्रतिशतता से अधिक रही।
जिस तरह का मौसम राजधानी शिमला में बना हुआ था उसे देखकर कयास लगाए जा रहे थे कि मतदान प्रतिशतता कम रहेगी, लेकिन यह मतदान प्रतिशतता वर्ष 2017 में हुए नगर निगम चुनावों की तुलना में अधिक रही। वर्ष 2017 की बात की जाए तो वर्ष 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में मतदान प्रतिशतता 57.8 फ़ीसदी रही थी जिसमें इस बार इज़ाफ़ा हुआ हैं। हालांकि बड़ा ज्यादा इजाफा मतदान प्रतिशतता में नहीं हुआ हैं, लेकिन जिस तरह का मौसम मंगलवार को शिमला में बना हुआ था उसके बीच में भी लोगों में नगर निगम चुनावों को लेकर उत्साह देखा गया। इन चुनावों में 59.29 फ़ीसदी पुरुष मतदाताओं ओर 58.60 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
शिमला की मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर नगर निगम चुनावों के लिए 34 वार्डों में चुनावी मैदान में उतरे 102 प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया हैं। अब 4 मई को जब नगर निगम शिमला के चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे तो उसी दौरान कौन सा राजनीतिक दल शिमला नगर निगम की कमान संभालेगा इसे लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
34 वार्डों में से भट्टाकुफर वार्ड में सबसे अधिक रही मतदान प्रतिशतता
शिमला नगर निगम चुनाव 34 वार्डों के लिए करवाए गए। इन सभी वार्डों में से भट्टाकुफर वार्ड में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज की गई। यहां 74.93 फ़ीसदी मतदान दर्ज किया गया हैं, जो कि अन्य सभी वार्डों की मतदान प्रतिशत से सबसे अधिक हैं।
कांग्रेस,भाजपा के साथ ही सीपीआईएम और आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में
शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर इस बार कांग्रेस और भाजपा के साथ ही सीपीआईएम और आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरी हैं। कांग्रेस और भाजपा की ओर से जहां 34 वार्डों में अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे थे तो वहीं सीपीआईएम ने कुल 4 ओर आम आदमी पार्टी ने 21 वार्डों में अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं।
भाजपा के लिए नगर निगम चुनाव में जीत महत्वपूर्ण,वहीं मुख्यमंत्री के लिए हैं साख़ का सवाल
प्रदेश में वर्ष 2023 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद शिमला का नगर निगम चुनाव दूसरा महत्वपूर्ण चुनाव हैं। एक और जहां लोकसभा चुनावों में हार के बाद भाजपा के लिए नगर निगम शिमला पर काबिज होना और जीत हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण हैं,तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए नगर निगम शिमला का यह चुनाव उनकी साख का सवाल बन गया हैं। कांग्रेस नगर निगम शिमला के इस चुनाव को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लड़ रही है ऐसे में मुख्यमंत्री के लिए यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। ऐसे में अब देखना यह होगा कि 4 मई को जब नगर निगम शिमला के चुनावों का पैसा आएगा तो कौन सा राजनीतिक दल है नगर निगम की सत्ता पर काबिज होगा और किसकी सरकार नगर निगम में बनेगी।
