सोलन : योगेश शर्मा – गरीब राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन देने की योजना को नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत शुरू किया गया है । जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों के माध्यम से प्रतिनिधियों द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा । वहीं शहरी क्षेत्रों में निकाय और निगमों के माध्यम से लाभार्थियों का चयन होगा, लेकिन इन प्रतिनिधियों द्वारा अभी तक टारगेट पूरा नहीं किया गया है । जिसकी वजह से जिला सोलन में हजारों की संख्या में ऐसे लाभार्थी बचे हुए हैं जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना है ।
जनप्रतिनिधि नही कर रहे लाभर्थियों के चयन का टारगेट पुरा
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान ने बताया कि 2011 की जनसंख्या के आधार पर नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 278000 और शहरी क्षेत्रों में 31600 लाभार्थियों को शामिल किया जाना था । इसको लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रतिनिधियों से पत्राचार भी किया गया । अभी तक 31 मार्च तक के आंकड़े के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 13979 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,22,590 लाभार्थी ही कबर हो पाए हैं, लेकिन अभी भी लाभार्थियों का चयन होना बाकी है । जिसको लेकर फिर से प्रतिनिधियों को पत्राचार किया गया है । इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 55000 और शहरी क्षेत्रों में कुल 17000 लोगों का चयन किया जाना है, उन्होंने कहा कि यदि समय से ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों में और निकाय और नगर पंचायतों में इन लाभार्थियों का चयन हो जाता है, तो इन सभी लाभार्थियों को इसका लाभ मिलने वाला है ।
जानकारी के अनुसार जिला में अभी भी 72000 लाभार्थी मुफ्त राशन से वंचित हो गए है। केंद्र सरकार ने इस नेशनल फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट ( NFSA ) के राशन धारकों को 5 किलो राशन प्रति सदस्य मुफ्त राशन शुरू किया है। लेकिन हैरानी की बात है कि ग्राम पंचायतों व स्थानीय निकायों ने इस योजना के तहत लाभान्वित परिवारों का चयन ही नहीं किया है। इसके कारण इन परिवारों को मुफ्त राशन नही मिल पा रहा है।
