बिलासपुर :सुभाष ठाकुर -इस बार विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी में श्रावण मेला 17 अगस्त से शुरू होगा । श्री आनंदपुर साहिब से हिमाचल सीमा में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को खानपान पर एक भी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है ।श्रद्धालुओं के लिए यह समाज सेवी संस्थाएं सुबह का नाश्ता दोपहर का भोजन सायं शाम की चाय और रात्रि भोजन की व्यवस्था करेगी । जिसमें श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाएंगे ।
श्रद्धालुओं को श्रावण मेला के दौरान 4 से 5 घंटे का समय लाइनों में लगता है,उस समय लाइनों में भी यह समाज सेवी संस्था के लोग श्रद्धालुओं के लिए खानपान की व्यवस्था करते हैं ।पंजाब लंगर कमेटी के प्रधान डॉक्टर सतपाल अग्रवाल की अगवाई में आज संस्था के पदाधिकारी ने श्री नैना देवी के दर्शन किए और लंगर कमेटी के द्वारा जहां-जहां लंगर लगाए जा रहे हैं उन जगहों का निरीक्षण किया गया ।प्रधान डॉक्टर सतपाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह वह प्राचीन काल से ही यह परंपरा चलती आ रही है । श्रावण महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता जी के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे, जिसमें ज्यादातर ग्रामीण श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आते हैं । इसलिए उन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समाजसेवी संस्थाओं के द्वारा लगभग 80 लगरों की व्यवस्था यहां पर की जा रही है और उनकी विधिवत रूप से अनुमति प्रशासन के द्वारा प्रदान की गई है और प्रशासन की हिदायतो को मानते हुए लगरों में स्वच्छ भोजन श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा, जिसमें स्वच्छता का साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा । दुर्गा सेवा दल के प्रधान मुरारी लाल मितल ने पत्रकारों को बताया कि लंगर में सुबह का नाश्ता दोपहर का भोजन रात्रि भोजन की व्यवस्था होगी । इसके अलावा चाय पकौड़ी,जलेबी, मक्की की रोटी, सरसों का साग और हर तरह के फ्रूट चाट श्रद्धालुओं को मुहैय्या करवाई जाएगी ।
