विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: चैत्र नवरात्रों की इस समय में प्रदेश के सभी शक्तिपीठों में माता रानी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ हैं। वहीं ऊना जिला के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में भी माता रानी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु हिमाचल सहित पंजाब से भी पहुंच रहे हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह लंगर की व्यवस्था भी की गई हैं। पंजाब और अन्य राज्य के लंगर संस्थाओं ने माता रानी के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर लगा रखे हैं। अलग-अलग तरह के पकवान इन लंगरों में श्रद्धालुओं को परोसे जा रहे हैं।
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन पंजाब के मोगा जिला के धर्मकोट शहर के किसान पवन कुमार ने श्रद्धालुओं के लिए गन्ने के रस का लंगर ही लगा दिया। वह अपने खेतों में लगे हुए गन्नो में से 2 टन गन्ने काटकर ट्रक के माध्यम से चिंतपूर्णी लेकर पहुंचा। इस मौके पर उसने गन्ने का रस निकालने वाले बेलने के माध्यम से स्वयं 2 टन गन्ने का रस निकाला और श्रद्धालुओं को परोसा। जिसने भी पवन कुमार को श्रद्धा के साथ श्रद्धालुओं को गन्ने का रस परोसते हुए देखा वह देखकर हैरान था क्योंकि पेशे से किसान आदमी और इतना दिलदार आदमी देखना कोई आम बात नहीं हैं।
पवन कुमार ने बताया कि उनकी मां के दरबार में गहरी आस्था हैं। उन्होंने बताया कि मां के दरबार में गन्ने का रस का लंगर लगाने की इच्छा भी उनकी थी। नवरात्रा में माता रानी की कृपा से उनकी यह इच्छा भी पूरी हो गई है उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए गन्ने के रस का लंगर लगाया है और जो भी श्रद्धालु माता रानी के दर्शनों के लिए आए हैं उन्हें गन्ने का रस पिलाया गया हैं।
