Mandi, Dharamveer-सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग व आसपास के इलाकों में आई प्राकृतिक आपदा ने सड़क मार्ग पूरी तरह से ठप कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि वाहनों का पहुंचना नामुमकिन हो गया है। इन विषम परिस्थितियों में मंडी जिला प्रशासन पारंपरिक साधनों—कुलियों और खच्चरों के माध्यम से राहत कार्य को अंजाम दे रहा है।
जीभी से बुलाए गए 47 प्रशिक्षित मजदूर और 14 खच्चर मालिकों की मदद से प्रशासन ने अब तक करीब 2000 राशन किट, गैस सिलेंडर, डीजल, पानी और अन्य जरूरी सामान प्रभावित गांवों तक पहुंचाया है। ये इलाके सड़क संपर्क से कटे हुए हैं, लेकिन मानवीय जज्बे ने दुर्गम भौगोलिक स्थिति को मात दी है।
डीसी मंडी अपूर्व देवगन स्वयं राहत कार्यों की जमीनी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आज शाम तक थुनाग तक सड़क बहाल होने की संभावना है, जिससे राहत कार्य और अधिक सुचारु हो सकेगा।राहत कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, वायुसेना, पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न विभागों के कर्मचारी दिन-रात जुटे हुए हैं। वहीं जंजैहली से करसोग की ओर सड़क मार्ग खोलने का कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा सके।
संचार सेवाएं बहाल करने के लिए टेलिकॉम कंपनियों के कर्मचारी निरंतर काम कर रहे हैं। अधिकांश क्षेत्रों में नेटवर्क चालू कर दिया गया है। हालांकि, खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हैं, और फिलहाल रेस्क्यू केवल सड़क मार्ग से ही किया जा रहा है।
