Dharamshala, Rahul-:तपोवन में चल रहे शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने शून्यकाल के दौरान भेड़पालक समुदाय की गंभीर समस्याओं को जोरदार तरीके से सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में करीब 780 परिवार पारंपरिक भेड़पालन पर निर्भर हैं, लेकिन वर्तमान में यह व्यवसाय अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है।
डॉ. जनक राज ने कहा कि सर्दियों में भेड़पालकों के प्रवास (माइग्रेशन) के दौरान चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले एक सप्ताह में लंज, ढक्की की धार, नूरपुर, लपियाना और रानीताल क्षेत्रों में कई बार भेड़-बकरियों की चोरी हुई है। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं की जानकारी पुलिस व प्रशासन को समय-समय पर देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पशुपालकों में भय और निराशा बढ़ रही है। उनके अनुसार, एक भेड़पालक की 15–20 भेड़ एक बार में चोरी हो जाएं तो उसकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर जाता है।विधायक ने यह भी कहा कि पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयों की रेट-कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया समय पर पूरी न होने से भेड़पालकों को प्रवास के दौरान दवाइयाँ नहीं मिल सकीं। इससे पशुओं के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है।
वन विभाग द्वारा चारागाह क्षेत्र सीमित किए जाने, बाड़बंदी और निर्माण कार्यों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि भेड़-बकरियां वनस्पति को नुकसान नहीं पहुंचातीं, फिर भी विभाग द्वारा चालान काटे जा रहे हैं और पशुपालकों को परेशान किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर मिलीभगत के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।राजस्थान तथा अन्य राज्यों से बड़े पैमाने पर पशुओं की बिक्री के कारण स्थानीय भेड़पालकों की भेड़-बकरियों की बाजार में मांग कम हो गई है। उन्होंने सरकार से भेड़पालक समुदाय को विशेष संरक्षण देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
