शिमला, 11 अगस्त। प्रदेश में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में हिमाचल सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के माध्यम से आगजनी और अन्य आपात परिस्थितियों में घटनास्थल तक राहत एवं बचाव दल को तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।नए वाहनों में शिमला जिले को 9, कांगड़ा को 8, मण्डी और सोलन को 5-5 वाहन दिए गए हैं। इसके अलावा हमीरपुर, ऊना, चम्बा और लाहौल-स्पीति को 3-3, जबकि सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को 2-2 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं। किन्नौर जिले को एक त्वरित प्रतिक्रिया वाहन भेजा गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपदा, आगजनी अथवा अन्य आपात स्थिति के दौरान कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया भी जारी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए थे, जिन्हें संबंधित अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सुसज्जित किया जा रहा है। आने वाले समय में क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों और उपकरणों के साथ-साथ मानव संसाधन में भी वृद्धि की जाएगी।अग्निशमन विभाग के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। नादौन और इंदौरा में उप-अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण पर 3.50-3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, कंडाघाट में उप-अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नए और स्तरोन्नत उप-अग्निशमन केंद्रों तथा अग्निशमन चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर भी खरीदे जा रहे हैं।
प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई इकाइयों की स्थापना और मौजूदा केंद्रों के उन्नयन का कार्य भी किया जा रहा है। ऊना जिले के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है, जबकि कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी स्थापित की गई है। नई इकाइयों के संचालन के लिए अग्निशमन कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक वाहन, बेहतर उपकरण, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचा मिलकर प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाएंगे। सरकार का उद्देश्य आगजनी और अन्य आपदाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर जन-धन की संभावित हानि को न्यूनतम करना है।कार्यक्रम में महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी होमगार्ड सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
