शिमला/ संजू -:हिमाचल प्रदेश में मानसून अब कमजोर पड़ गया है। पिछले चार-पांच दिनों से बारिश की रफ्तार थमी हुई है और अगले कुछ दिनों तक भी प्रदेश में मानसून के कमजोर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 12 सितंबर तक अधिकांश इलाकों में धूप खिलेगी, जबकि 13 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अगले पांच से सात दिनों तक भारी या बहुत भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
हिमाचल में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। पिछले 24 घंटों में सिरमौर, कांगड़ा और हमीरपुर के एक-दो स्थानों पर ही हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के निर्देशक का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक भी मानसून अधिकांश हिस्सों में कमजोर बना रहेगा।12 सितंबर तक प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान है। कुछ जिलों में हल्के बादल जरूर छाए रह सकते हैं। वहीं 13 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन फिलहाल भारी से बहुत भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है।बारिश के साथ-साथ तापमान भी सामान्य से थोड़ा ज्यादा बना हुआ है। वहीं मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। कई जगह तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री ज्यादा है और 12 सितंबर तक इसमें बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
13 सितंबर के बाद बारिश के साथ कुछ जिलों में तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट जरूर आ सकती है, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक कोई बड़ा बदलाव फिलहाल देखने को नहीं मिलेगा।इस मानसून सीजन की बात करें तो 8 सितंबर तक हिमाचल में सामान्य तौर पर 664 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 595 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं यदि जिलावार देखें तो लाहौल-स्पीति के अलावा हमीरपुर, सोलन और मंडी में बारिश की कमी देखने को मिली है। वहीं किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।आमतौर पर हिमाचल प्रदेश से मानसून की वापसी 25 सितंबर के आसपास शुरू होती है। अभी मानसून की विदाई में करीब दो सप्ताह का वक्त बाकी है। मौसम विभाग लगातार मानसून की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और वापसी की सटीक तारीख की जानकारी कुछ दिन पहले जारी की जाएगी।
