बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – बिलासपुर जिला के गांव मंगरोट में एक परिवार ने अपनी मालकियत जमीन बताकर शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग 103 पर कब्जा कर लिया है । राजन कांत शर्मा ने अपने परिवार के पांच अन्य सदस्यों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर पत्थर व झाड़ियां डालकर कब्जा कर लिया है,जिससे शिमला व धर्मशाला आने जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है ।
परिवार के सदस्य राजन कांत शर्मा व सीता शर्मा का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 103 पर उनकी मालकियत जमीन है, जिसपर पीडब्लूडी विभाग द्वारा कब्जा कर सड़क बनाई गई थी । अब उनकी जमीन वापिस नहीं कि जा रही है,जबकि उनकी मांग है कि प्रशासन द्वारा जमीन की निशानदेही होने के बाद उनके हिस्से में आई 08 बिस्वा जमीन को लेकर उन्हें विभाग मुआवजा दे व भूमि अधिग्रहण परिक्रिया कर उनकी जमीन की सही कीमत उनके परिवार को दे ।उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन व पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों की कईं बार वार्ता हुई है, मगर हर बार वार्ता विफल ही हुई है । जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया है और अपनी मालकियत जमीन पर कब्जा किया है ।
NH पर कब्जा करना सरासर गलत- उपायुक्त
इस मामले को लेकर उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक का कहना है कि इस परिवार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 103 पर कब्जा करने के मामले में पहले भी भारतीय दंड संहिता की धारा 133 के तहत एफआईआर दर्ज है । उन्हें बार बार समझाने के बावजूद भी इनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 103 पर कब्जा करना सरासर गलत है,जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लायी जाएगी ।
बता दें कि शिमला-धर्मशाला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग 103 स्थित गांव मंगरोट के रहने वाले इस परिवार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपनी मालकियत जमीन होने का दावा पहले भी किया गया था,जिसको लेकर परिवार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही खोखा लगाया गया था । जिसके बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा यह खोखा हटाया गया था और इस विषय पर बैठक कर मामला सुलझाने की बात कही गयी थी, मगर परिवार के पक्ष में कोई ठोस निर्णय ना आने के चलते एक बार फिर परिवार के सदस्यों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 103 पर कब्जा कर लिया है और अपनी मालकियत जमीन को किसी भी हाल में ना छोड़ने की बात कह रहे हैं ।
