संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर ब्लॉक की पंचायत सुलयाली गांव के प्राचीन प्रसिद्ध स्वयं शंभू डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर में सदियों बाद नाग नागिन का जोड़ा एक साथ देखा गया। इस अद्भुत घटना को गांव के ही एक व्यक्ति मनीष में अपने कैमरा में कैद करने की हिम्मत दिखाई हैं। जैसे ही इस बात का पता लगने लगा तो जिसने भी इस शिव भोले नाथ के स्वरूपों को देखा वह ही देख कर आश्चर्यचकित हो गया। या मंदिर में दो नाग एक साथ देखे गए लेकिन फिर थोड़ी देर बाद अचानक गायब हो गए। पिछले एक दो दिनों से सोशल मीडिया में यह एक विडियो वायरल हो रहा था जब विडियो के तथ्यों की गहराई से जांच की तो वह विडियो नूरपुर ब्लॉक के सुलयाली गांव का पाया गया।
डिब्केशवर महादेव मंदिर पुजारी दिनेश गिरी ने बताया कि यह नाग नागिन काफ़ी देर तक आपस में लिपटे रहे। उन्होंने बताया कि यहां ऐसे छोटे मोटे नाग तो निकलते रहते हैं पर इस तरह ऐसा पहले कभी भी नहीं हुआ हैं। यह साक्षात महादेव के रुप था महादेव की शक्ति से ही आए थे। वहीं घटना के साक्षी बने मुनीष कुमार ने बताया कि वह आईपीएच विभाग में पंप आपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। जब वह पानी को मोड़ने पाइप लाइन पर जा रहा था जब मेरी नजर दूसरी ओर पड़ी तो मैंने देखा कि वहां दो डंडे जैसा कुछ खड़ा है मगर कुछ पल में जब उनमें हरकत होने लगी तो मैने देखा कि वह नाग नागिन हैं। मुझे ध्यान आया कि मैंने सुना हुआ था कि यहां सदियों बाद कभी कभार यहां नाग नागिन दिखाई देते हैं। तो मैंने सोचा कि यह मेरा सौभाग्य है की मुझे दर्शन हुए तो मैंने सोचा क्यों ना इनको विडियो में कैद किया जाए। मैंने बाबा जी को भी बुलाया और उन्होंने भी इन्हें देखा । यह जगह वैसे शिव भोले नाथ की ही है यहां पर प्राचीन शिव भोलेनाथ का मंदिर भी हैं।
वहीं डिब्केशवर महादेव युवा मंडल अध्यक्ष सौरभ पठानिया ने बताया कि नूरपुर के सुलयाली गांव स्थित डिब्केशवर महादेव मंदिर के पास यह एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला हैं जिसे आप विडियो में भी देख सकते हैं कि एक नाग और नागिन अपनी मस्ती में झूम रहे हैं यह एक आस्था का विषय बन चुका है और मेरी सभी से अपील है कि इसे आस्था की तरह ही देखें।
यह हैं डिब्केशवर महादेव का इतिहास
यह स्थान डिब्केशवर महादेव बड़ा प्राचीन हैं। कई समय पहले डिब्केशवर महादेव बाबा ने जलसमाधि लगाई थी यहां पर इस मंदिर का नाम डिब्केशवर महादेव पड़ा। उस समय यहां नगर बस्ती भी नहीं हुआ करती। जल भी उससे पुराना हैं। यह अनंत लीला है इसे कोई समझ नहीं सकता हैं।
