मंडी,धर्मवीर(TSN)-मंडी जिला में सुंदरनगर उपमंडल के तहत पड़ने वाली भौर पंचायत में बीती रात को गौशौला में बंदी गाय को किसी ने मौत के घाट उतार दिया है।आरोप है कि गाय को मौत के घाट उतारने से पूर्व उसके साथ कुकर्म जैसे अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया गया है।गाय के पिछले पैरों को रस्सी से बांधने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया है।गौशाला में गाय के साथ उसका छोटा बछड़ा भी बंधा था,जिसे किसी ने कोई नुक्सान नहीं पहुंचाया है।फोरेंसिक टीम को भी मौके बुलाया गया है और टीम ने घटना स्थल पर कई साक्ष्य जुटाएं हैं। मालिक को घटना का उस समय पता चला जब सुबह उसके बेटे ने गौशाला को खोला और अंदर यह सब देखकर दंग रह गया।
एसपी मंडी साक्षी वर्मा सहित डीसएसी सुंदरनगर की पहुंचे मौके पर
मंडी जिला के धनोटू थाना के तहत यह मामला सामने आया है।घटना की सूचना मिलने के बाद धनोटू थाना की टीम ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मंडी साक्षी वर्मा व डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण भी मौके पर पहुंचे।गौ माता के साथ हुए इस जघन्य अपराध के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई हैं।विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य हिन्दू संगठनों में इस घटना के बाद आक्रोश है।
मालिक का आरोप- मारने से पूर्व गाय के साथ किया गया है अमानवीय कृत्य
जानकारी के अनुसार सुंदरनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत भौर के हलेल गांव निवासी रामकृष्ण की गौशाला में दिल को झकझोर करने वाली इस घटना को अंजाम दिया गया है। आज सुबह रामकृष्ण का बेटा तरुण कुमार जब गौशाला में पहुंचा तो उसने गाय को फर्श पर लेटा पाया और मुंह से झाग निकली हुई थी।इसके बाद जब वह पास गया तो देखा की उसका गला किसी ने लकड़ी के पिलर के साथ रस्सी मजबूती से बांध कर घोट दिया है।जबकि मवेशी का आठ माह के बछड़े को किसी ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। रामकृष्ण ने गाय के साथ अमानवीय कृत्य के भी आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
हिंदू संगठनों में घटना को लेकर आक्रोश
वहीं पशुपालन विभाग ने गाय का पोस्टमार्टम करने के उपरांत वेटनरी डॉक्टरों ने आगामी परीक्षण के लिए सैंपल पुलिस टीम को सौंप दिए हैं।उधर,विश्व हिंदू परिषद संगठनात्मक जिला सुंदरनगर के महामंत्री रि.कॅप्टन महेंद्र सिंह राणा ने उक्त मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचाया है तो विश्व हिंदू परिषद के द्वारा सड़कों पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
