शिमला, संजू— हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप और नियमों में बदलाव को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर रही है।डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी इकाइयां हैं और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रिजर्वेशन एक्ट और नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव से जुड़े नियमों में संशोधन कर अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार दिए हैं।भाजपा का कहना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।डॉ. बिंदल ने दावा किया कि प्रदेशभर में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनाक्रोश देखने को मिल रहा है और कई नगर निकायों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिली है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस हार की आशंका के चलते नियमों में बदलाव कर रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पहले पंचायत चुनाव टालने का प्रयास किया था, लेकिन न्यायालयों के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चुनावी सभाओं में विकास कार्यों की घोषणाएँ करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।जयराम ठाकुर ने दावा किया कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट जनसमर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव कर चुनाव टालने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित हस्तक्षेप की मांग की। बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
Chandrika
