राहुल चावला,धर्मशाला: बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर जैन धर्म के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आचार्य लोकेश के नेतृत्व में विभिन्न धर्मों के धर्माचार्यों ने बौद्ध धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा से धर्मशाला स्थित मुख्यालय में भेंट की। इस दौरान उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने शाल, माला व प्रतीक चिन्ह भेंट कर दलाई लाम का सम्मान किया।
इस अवसर पर, दलाई लामा ने कहा कि भगवान बुद्ध और भगवान महावीर दोनों एक ही मां की जुड़वा संतान हैं। उन्होंने कहा की भारत भूमि पर जन्म लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, बुद्ध, महावीर, नानक व अनेक महापुरुषों ने विश्व को प्रेम व भाईचारे की राह की दिखाई हैं। दलाई लामा ने कहा भगवान बुद्ध की करुणा व भगवान महावीर का अहिंसा दर्शन के बताएं मार्ग से ही विश्व में शांति, सद्भावना की स्थापना हो सकेगी।
अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक, प्रख्यात जैन आचार्य डॉ. लोकेश ने कहा कि विश्व में शांति और सद्भावना पूर्ण माहौल के लिए बुद्ध और महावीर की शिक्षाओं की अधिक जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ते धार्मिक असहिष्णुता के माहौल में बुद्ध और महावीर के बताए मार्ग पर चलकर ही सामाजिक सौहार्द और समरसता को स्थापित किया जा सकता हैं। उन्होने कहा की युद्ध, हिंसा और आतंक किसी समस्या का समाधान नहीं है, हिंसा, प्रतिहिंसा को जन्म देती हैं। शांतिपूर्ण संवाद से हर समस्या को सुलझाया जा सकता हैं। उन्होंने जुलाई के पहले सप्ताह में अमेरिका के फ्लॉरिडा में आयोजित हो रहे ‘जैना कोंवेनशन’ की विस्तृत जानकारी दी।
आचार्य लोकेश ने अहिंसा विश्व भारती संस्था की ओर से आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय अंतरधार्मिक सम्मेलन के लिए दलाई लामा को आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। इस अवसर पर सिक्ख धर्म के जत्थेदार भाई रंजीत सिंह, हिन्दू धर्म के महामंडलेश्वर महंत नवल किशोर दास, हिमालय कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष एल पी पोंत्संग, रिलीजन वर्ल्ड के संस्थापक भव्य श्रीवास्तव एवं समन्वयक विनीत शर्मा मौजूद रहे।
इस अवसर पर दलाई लामा ने जैन आचार्य डॉ लोकेशजी, सिक्ख धर्म के जत्थेदार भाई रंजीत सिंह, हिन्दू धर्म के महामंडलेश्वर महंत नवल किशोर दासजी सहित सभी प्रतिनिधियों को बौद्ध परंपरा का उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मानित किया।
