देवेंद्र कुमार, नाहन: रियासत काल में बनी नाहन की आदर्श केंद्रीय कारागार यहां सजायाफ्ता कैदियों के सुनहरे भविष्य की कहानी लिख रहा हैं। जेल से सजा काट कर बाहर निकल कर यह जेल में बंद यह कैदी अपने जीवन की नई शुरुवात कर सकें और बेहतर जीवन जी सकें इसके लिए हर हाथ काम योजना के तहत जेलों में बंद कैदियों को उनकी रूचि के अनुसार काम सिखाया जा रहा हैं ।
आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन के अधीक्षक सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि जेल में बंद कैदियों का भविष्य सुधारने को लेकर कई अहम कदम उठाए गए हैं। यहां पर अपनी सजा काट रहे कैदी जेल के अंदर व बाहर काम कर अपनी आर्थिकी को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेल में बेकरी, कैंटीन, सिलाई, स्पाइस यूनिट, सैलून आदि के नए कार्य आरंभ किए गए हैं ।
पूर्व में शुरू किए गए कार्य जैसे कारपेंटरी, डेयरी फार्मिंग व खड्डी शाखा के कार्यों में बढ़ोतरी की गई हैं उन्होंने बताया कि कारागार नाहन में बेकरी के उत्पादों की गुणवत्ता के चलते शहर भर में इनकी भारी डिमांड रहती हैं। जेल के भीतर डेयरी फार्म विस्थापित किया गया हैं जिसमें विदेशी नस्ल की गायों का बेहतरीन तरीके से पालन किया जा रहा हैं। यहां पर कैदियों की ओर से किसानी व बागवानी भी की जाती हैं। सब्जियों व फलों को उगाकर कैदी शहर भर में बेचते हैं।
उन्होंने बताया कि कैदियों का मेहनताना दिए जाने के बाद वर्ष में 15 लाख तक के करीब मुनाफा होता हैं, जिससे कैदियों को सुविधाएं दी जा रही हैं।
