अनिल नेगी, किन्नौर: प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए लगने वाली आदर्श चुनाव आचार संहिता को लेकर प्रशासन अलर्ट पर हैं। चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही सभी विभागाध्यक्ष हमसे विकास कार्यों का विवरण और नए कार्यों की सूची भी मांगी गई है। इसे लेकर एक बैठक का आयोजन सहायक आयुक्त किन्नौर राजिंदर कुमार गौतम की अध्यक्षता में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत आदर्श चुनाव आचार संहिता को लेकर एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से आग्रह किया कि विधानसभा क्षेत्र के तहत चल रहे विकास कार्यों की सूची चुनाव घोषणा के 72 घंटे के भीतर उपलब्ध करवाएं और ऐसे नए कार्य जो अभी शुरू नहीं हुए हैं इसकी भी सूची उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने कहा कि चुनाव घोषणा के उपरांत प्रिंट ओर इलैक्ट्राॅनिक मीडिया में सरकारी खर्चे से कोई भी विज्ञापन प्रकाशित व प्रसारित नहीं किया जा सकता है। यदि इस तरह का विज्ञापन चुनाव घोषणा से पूर्व जारी किया गया है तो भी चुनाव घोषणा के उपरान्त उसे प्रकाशित व दिखाने पर मनाही रहेगी। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी भवनों इत्यादि पर लगाए गए होर्डिंग, बैनर, झंडे चुनाव घोषणा के 24 घंटों के भीतर हटाने होंगे।
इसी प्रकार सभी गैर-कानूनी राजनैतिक विज्ञापन जिनमें वाॅल राईटिंग, पोसटर, पेपर, होर्डिंग, बैनर व झंडे इत्यादि शामिल है। यदि सरकारी संपति जैसे बस-स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी बसों, स्कूलों, बिजली के खम्बों, नगरपालिका/स्थानीय निकायों के भवनों पर लगाए गए हैं तो उसे भी चुनाव घोषणा के 48 घंटों के भीतर हटाना होगा। यदि निजी संपति पर भी बैनर, झंडे, होर्डिंग इत्यादि सम्पति मालिक की अनुमति के बिना लगाए गए हैं तो उन्हें भी 72 घंटों के भीतर हटाना होगा।
उन्होंने बताया कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी व अधिकारी राजनैतिक दलों की बैठकों में भाग नहीं ले सकता है और न ही किसी पार्टी या उम्मीदवार का इलैक्शन ऐजेंट, पोलिंग ऐजेंट या काउंटिंग ऐजेंट बन सकता है और न ही वह किसी उम्मीदवार या पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी व अधिकारी किसी उम्मीदवार का इलैक्शन ऐजेंट, पोलिंग ऐजेंट या का
