शिमला: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “एक गांव, एक तिरंगा ” अभियान के तहत शिमला शहरी जिला के विभिन्न गांव में जाकर स्थानीय लोगों के साथ तिरंगा फहराया। आजादी के अमृत महोत्सव पर अनेकों जगह पर एक गांव एक तिरंगा अभियान के तहत अनेकों कार्यक्रम हुए , जिसमे शिमला शहरी जिला में लगभग 545 गांव में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जाकर वहां के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कार्यक्रम किए।
इसी के तहत एबीवीपी ने संजौली के जोनांग ताकतेन फूनसुख छोलिंग कल्चरल सोसायटी में ढिंगु धार में बौद्ध भिक्षुओं के साथ तिरंगा फहराया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कुंगा छुएपाल ओर विशिष्ट अतिथि के तौर पर विद्यार्थी परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. शशिकांत शर्मा सहित खेंजुर रिंगपोची कुंगा छमजुंग उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि जोनांग ताकतेन फूनसुख छोलिंग ने आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के लोग सुख शांति से रह सकते हैं। यह सभी धर्मों के लोगों को अपनी शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है। एवं उन्होंने अमन चैन से रहने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि शशिकांत ने कहा कि आजादी के लिए बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान का बलिदान दिया है। शशिकांत ने बताया कि किस प्रकार हमारे देश को आजादी मिली तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक गांव,एक तिरंगा अभियान के बारे में जागरूक किया। तिरंगा अभियान के जिला संयोजक अंकित शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला शहरी ने पुरे शिमला शहर में 400 स्थानों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य लिया था जिसके तहत आज कार्यकर्ताओ ने पूरे शिमला में 545 स्थानों पर तिरंगा फहराया और आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया है।
