अरविंदर सिंह,हमीरपुर: वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर पूर्व सैनिकों का गुस्सा अब फूट रहा हैं। पूर्व सैनिकों ने सोमवार को प्रदेश भर में जगह-जगह अपना विरोध जताया। प्रदेश भर में अलग-अलग जिलों में पूर्व सैनिकों ने प्रदर्शन भी किए। इसी कड़ी में हमीरपुर जिला के पूर्व सैनिकों ने भी गांधी चौक पर एकत्र हो कर वहां प्रदर्शन किया।
विभिन्न रेजिमेंट्स के पूर्व सैनिकों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुंलद की। अखिल भारतीय पूव सैनिक सेवा परिषद हमीरपुर इकाई के बैनर तले गांधी चौक पर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। परिषद के अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए वन रैंक वन पेंशन बहाली के लिए एकजुटता से संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।
परिषद के अधिकारियों ने कहा कि ओआरओपी-टू में कई तरह की विसंगतियां हैं। उन विसंगतियों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा गया हैं। इस दौरान मांग की गई कि पूर्व सैनिकों की एमएसपी बराबर होनी चाहिए। इसमें तीन फेस बनाए गए हैं। अधिकारियों के लिए एमएसपी को 15500 रुपए किया गया है, एमएनएस को 10 हजार 500 रुपए ओर सिपाही से लेकर सूबेदार मेजर तक सभी को 5200 रुपए एमएसपी की गई हैं। वहीं मांग की गई कि जो अलाउंस दिया गया है वे सभी के लिए बराबर होना चाहिए, चाहे वह किसी भी रैंक का हो।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि अपंगता पेंशन में भी बहुत सारी विसंगतियां हैं। सभी को अलग-अलग प्रतिशतता के आधार पर अपंगता पेंशन मिल रही हैं। यह पेंशन भी सभी को एक समान होना चाहिए। इसके साथ ही प्री मिच्यार रिटायरमेंट को लेकर भी पूर्व सैनिकों ने अपने तर्क दिए। कहा गया कि सैनिक का कार्यकाल 17 साल को होता हैं। इसमें 15 साल कलर सर्विस और दो साल रिजर्व लाइबिलिटी होती हैं। सैनिक को 15 साल तक नौकरी करनी पड़ती हैं और उसने के बाद वह डिस्चार्ज ले सकता है, परंतु बीआरएस नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जो पूर्व सैनिक प्री मिच्योर रिटायरमेंट लेकर आए हैं उन्हें ओआरओपी में शामिल नहीं किया गया हैं। इस दौरान रिजर्विस्ट की पेंशन को भी रिवाइज करने की मांग की गई। रिजर्विस्ट की पेंशन को सिपाही रैंक तक किए जाने की मांग की गई।
