मंडी,धर्मवीर (TSN)-वीरभूमि हिमाचल के एक और लाल ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहादत का जाम पिया है।मंडी जिला के सदर उपमंडल के तहत पड़ने वाले बग्गी तुंगल गांव के 42 वर्षीय हवलदार सरेश कुमार लेह लद्दाख में डयूटी के दौरान शहीद हो गए हैं।
सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव में किया गया अंतिम संस्कार
वीरवार को शहीद हवलदार सुरेश कुमार का उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।17 वर्षीय बेटे पीयूष ने शहीद पिता को अंतिम सलाम कर मुखाग्नि दी। इसके पूर्व जैसे की पार्थिव देह घर पहुंची तो भारत माता की जय और शहीद सुरेश कुमार अमर रहे के नारें से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।इस दौरान परिजनों सहित सैंकड़ो लोगों ने शहीद सुरेश कुमार को अंतिम विदाई दी।शहीद सरेश कुमार की धर्मपत्नी धनी देवी,माता प्रोमिला देवी,19 वर्षीय बेटी शबनम व बेटे पीयूष ने सेल्यूट कर आखिरी विदाई दी।इससे पहले दोहपर बाद जैसे ही पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची तो सड़क पर मौजूद स्कूली बच्चों व क्षेत्रवासियों ने भारत मात की जय के नारों के साथ शहीद हवलदार सुरेश कुमार की पुष्पाजंलि अर्पित की।
लेह लद्दाख में सेवाएं दे रहे शहीद हवलदार
बता दें कि शहीद हवलदार सुरेश कुमार बीते 25 वर्षो से 18 डोगरा रेजिमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे और इन दिनों वे लेह लद्दाख में तैनात थे।बैटल फील्ट में सेवाएं देते हुए सुरेश कुमार की अचानक तबीयब बिगड़ गई और इस दुनिया को अलविदा कह गए। परिजनों के अनुसार दिवाली से 2 दिन पहले ही हवलदार सुरेश कुमार अपनी छुटटी काट कर लेह लद्दाख के लिए गया था। उधर, एडीसी मंडी रोहित राठौर ने बताया कि सेना की ओर से प्रशासन को जवान के वीरगति की सूचना का समाचार प्राप्त हुआ हैं सेना की तरफ से मिले पत्र में बैटल फील्ड कैजुल्टी बताया गया है।
हवलदार सुरेश कुमार की शहादत पर राज्यपाल हिप्र शिव प्रताप शुक्ला,सीएम सुक्खविंदर, सिंह सुक्खू व पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा “उनका बलिदान देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण और साहस का प्रतीक है,जिसे सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा,,
