किन्नौर: जिला किन्नौर मे सुबह से लगातार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश से इलाक़े के सभी नदी नालों में जलस्तर बढ़ गया है और नदी नाले उफान पर है। जिला में हो रही बारिश की वजह से बुधवार की पूह खंड के रिब्बा व ठंगी नाले मे भयंकर बाढ़ आई है जिसने नालों के आसपास भूमि कटाव हो गया है। वहीं दूसरी ओर सांगला के गांगगारंग खड़ मे भी बाढ़ ने बोनिंग सारिंग नामक स्थान पर सेब के बगीचों में भारी तबाही मचाई है और सेब के पेड़ ओर फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
जिला में हुई बारिश ने आफ़त मचा रखी है। सुबह सबसे पहले मीरु नाले मे बाढ़ ने पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को अवरुद्ध किया तो सांगला के गांग गारंग खड़ मे आई भयंकर बाढ़ ने सेब के बगीचों को तबाह कर लोगों की मेहनत व वर्ष भर की आय के साधन को ही तबाह कर दिया है। इस बाढ़ से बागवानों को लाखों क़ा नुकसान हुआ है। बारिश का यह कहर यहीं नहीं थमा है बारिश की वजह से ठंगी व रिब्बा नाले में आई बाढ़ ने नाले के आसपास भयंकर भूमि कटाव किया है जिससे आसपास के मकानों को ख़तरा हो गया है। लोग डरे हुए है कि लगातार हो रही बारिश से अगर नाले में पानी ओर बढ़ जाता है तो मकान भी इसकी जद में आ सकते है।
प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग इन सभी क्षेत्रों मे बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन के लिए रवाना हुआ है,लेकिन मौसम अनुकूल होने तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मे नुकसान क़ा आंकलन करना मुश्किल साबित हो सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को बारिश के दौरान नदी नालों के आसपास ना जाने की अपील की है।
