संजीव महाजन,नूरपुर: प्रदेश में दो दिनों तक हुई भारी बारिश की वजह से सभी नदी नाले उफ़ान पर है। नदी नालों में पानी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है जिससे ख़तरा लगातार आप-पास के क्षेत्रों के लिए बना हुआ है। वहीं अब पौंग झील में भी जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल यह है कि झील का पानी ख़तरे के निशान से मात्र 12 फ़ीट ही नीचे रह गया है।
शनिवार को हुई भारी बारिश से पौंग झील के जलस्तर में बड़ी वृद्धि हो गई है। सभी बड़ी नदियों नालों के अलावा ज्वाली , हरिपुर, नगरोटा सूरियां इत्यादि सभी जगहों में खड्डों में बारिश से भारी मात्रा में पानी आया है। इस बारिश की वजह से पौंग डैम क जलस्तर भी 1378 फीट तक पहुंच चुका है। अब ख़तरा यह बन गया है कि अगर इसी तेजी से बारिश होती रही ओर झील का जलस्तर बढ़ता गया तो वह 2 दिन के भीतर अपने निर्धारित बिंदु पर पहुंच सकता है।
पिछले दो दिनों में झील का जलस्तर बड़ी तेजी से बढ़ा है। पिछले 3 दिनों में करीब 10 फुट से अधिक झील का जलस्तर ऊपर उठा है। पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक अधिक पानी झील में आ चुका है, जिस तरह से झील का जलस्तर रोजाना बढ़ रहा है लगता है इस बार अपने निर्धारित 1390 फुट तक पहुंच सकता है।
बता दें कि पौंग में खतरे का निशान 1390 फीट है, जबकि 1410 फ़ीट अंतिम निशान बताया जाता है। डैम में करीब 83447 हजार क्यूसिक पानी आ रहा है, जबकि 17737 क्यूसिक पानी छोड़ा भी गया है। जैसे हो जलस्तर बढ़ रहा है तो डैम से पानी छोड़ा जा रहा है जिसके चलते प्रशासन आस पास के क्षेत्रों के लोगों से नदी नालों के पास ना जाने की सलाह भी दी है।
उपायुक्त कांगड़ा ने डॉ. निपुण जिंदल ने सभी पुलिस चौकी थाना प्रभारी ओर तहसीलदार सहित नायब तहसीलदार को यह निर्देश दिए हैं कि भारी बारिश को देखते हुए किसी को भी नदी नालों ओर पौंग डैम के नजदीक ना जाने दिया जाए। उन्होंने बताया कि
अब तक पौंग झील का जलस्तर 1378 फीट को टच कर गया है जो खतरे के निशान से अभी तक 12 फुट दूर है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सभी को अलर्ट किया गया है।
