सोलन/योगेश शर्मा: जिला में रोटा वायरस बच्चों में अधिक फैलता है यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमित रंजन ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि आज-कल रोटा वायरस के कारण बच्चे डायरिया से काफी प्रभावित हो रहे हैं। अगर हम स्वच्छता रखते हैं तो इस बीमारी से बचे रह सकते हैं, लेकिन बच्चे स्वच्छता का अधिक ध्यान नहीं रखते है। इसलिए वह डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। अगर बच्चों को इस बीमारी से बचाना है तो परिजनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सफाई के बारे में जागरूक करना और हाथों को समय-समय पर धोते रहने से इस बीमारी को दूर रखा जा सकता है।
जिला सोलन स्वास्थ्य अधिकारी अमित रंजन ने रोटावायरस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह एक आरएनए वायरस है जो बच्चों में डायरिया का कारण बनता है और यह जीरो से 5 साल तक के बच्चों में अधिक होता है। यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत रोटा वायरस की वैक्सीन भी बच्चों को लगाई जाती है। जिससे इस वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग परिजनों को यह जानकारी देता है कि कौन सी उम्र में बच्चों को यह वैक्सीन लगानी है इस लिए परिजनों को जागरूक रह कर यह वैक्सीन बच्चों को लगानी चाहिए।
