राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश में बीते 2 दिनों से मौसम खराब चल रहा हैं। काफी ज्यादा ठंड भी प्रदेश में इन दिनों पड़ रही हैं,ऐसे में अगर आप कांगड़ा जिला में ट्रैकिंग पर जाने का प्लान बना रहे हैं यह जानकारी आपके लिए ही हैं। प्रशासन की ओर से
कांगड़ा जिले में 3 हजार मीटर से ऊपर की सभी ट्रैकिंग गतिविधियों को आगामी आदेश तक पूरी तरह से रोक लगाई गई हैं। प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी ट्रैकर ट्रैकिंग से जुड़ी गतिविधियां यहां नहीं कर सकेगा।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने ट्रैकिंग पर प्रतिबंध को लेकर शुक्रवार को एक आदेश जारी किया हैं। इसके साथ ही खराब मौसम को देखते हुए जिले में ट्रैकिंग गतिविधियों को लेकर विशेष हिदायतें भी जारी की हैं। जो आदेश जारी किए गए है उसके मुताबिक करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा मार्गों पर ट्रैकिंग की अनुमति के लिए पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा के कार्यालय से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके कार्यान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा से कार्यालय में पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी तैनात करने को कहा गया हैं। उनसे यह भी आग्रह किया गया है कि पुलिस कर्मी उपरोक्त मार्गों पर अनुमति देते हुए आईएमडी शिमला की ओर से जारी मौसम के पूर्वानुमान को अवश्य ध्यान में रखें।
जो आदेश जारी किए गए है उसमें कहा गया है कि आईएमडी शिमला की ओर से चेतावनी अथवा अलर्ट जारी किए जाने पर ट्रैकिंग मार्गों (करेरी, त्रिउंड, आदि हिमानी चामुंडा) के लिए प्रदान की गई सभी पूर्व अनुमति रद्द मानी जाएंगी। हालांकि आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पर्वतारोहण केंद्र मैक्लोडगंज और पुलिस के खोज और बचाव दलों को उक्त निर्देश में छूट दी जाएगी।
पर्यटन व्यवसायी देंगें पर्यटकों को ट्रैकिंग पर प्रतिबंध से जुड़ी जानकारी
डॉ. निपुण जिंदल ने जिला पर्यटन अधिकारी को कांगड़ा जिले के पर्यटन व्यवसाय से जुड़े समस्त हितधारकों को उनके वहां ठहरने वाले सभी पर्यटकों को ट्रैकिंग गतिविधियों की पाबंदियों से अवगत करवाने के निर्देश देने को कहा हैं। वहीं आदेशों का उल्लंघन करने पर जिला प्रशासन की ओर से लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में पर्यटकों को बताने ओर जागरूक करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 188 ओर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह हिदायतें आगामी आदेश तक लागू रहेंगी।
