मंडी : धर्मवीर (TSN)- हिमाचल प्रदेश इस बार भी राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के सहयोग से इको फ्रेंडली दिवाली मनाएगा। कामधेनू पंचगव्य उद्योग ने गाय के गोबर से बने दिए व अन्य उत्पाद बाजार में उतार दिए हैं। इन उत्पादों की खास बात यह है कि यह सारे उत्पाद पूरी तरह से इको फ्रेंडली हैं जिनके इस्तेमाल से प्रकृति को कोई भी नुकसान नहीं होता है। इन उत्पादों का इस्तेमाल करने के बाद यदि आप इन्हें खेतोें में फेंक देते हैं तो यह खाद का रूप ले लेते हैं।
50 रुपये में मिल रहे चार दीपक
मंडी जिला के कोटली निवासी व कामधेनू पंचगव्य उद्योग के संचालक कर्ण सिंह पिछले 3 सालों से निरंतर इस गाय के गोबर से दीपक तैयार कर रहें हैं और इन दीपकों की मांग हिमाचल प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों में भी बढ़ गई है। कर्ण सिंह ने बताया इस बार खास दिपावली को लेकर गौमय दीपक तैयार किए गए हैं। इन दीपकों को जलाने के बाद गमले व खेतों में फेंक देने पर खाद का काम करेंगे। उन्होने बताया कि इस बार वे 50 रुपये में चार दीपक बेच रहे है। कर्ण सिंह ने बताया कि कामधेनू पंचगव्य उद्योग का गाय के बने गोबर से उत्पाद बनाने का उदेश्य सड़कों का बेसहार घूम रही गौवंश को बचाना है। यह गौवंश बचा रहेगा तो लोगों को घर द्वार पर ही रोजगार मिल जाएगा। लोगों को घर द्वार पर ही रोजगार मिले यही उनका लक्ष्य भी है। कर्ण सिंह ने बताया कि कामधेनू पंचगव्य उद्योग के साथ 10 स्थानीय महिलाएं जुड़ी हुई है और घर द्वार पर ही रोजगार प्राप्त कर ही हैं।
गौरतलब है कि लगातार पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए सरकारों द्वारा भी इस पर्व को अधिक से अधिक मात्रा में इको फ्रेंडली मनाने का आह्वान किया जाता है। अगर दीपावली पर गोबर से बने उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल होगा तो इससे जहां पर्यावरण को कम नुकसान होगा वहीं गाय के संरक्षण को भी बल मिलेगा।
