राकेश,ऊना: नदियां जीवनदायिनी होती है लेकिन क्या हो जब आप इन नदियों को ही कचरे से भरने लग जाएं। ऐसी ही एक जीवनदायिनी नदी ऊना के संतोषगढ़ की स्वां नदी भी हैं जिसकी सुंदरता को गंदगी का दाग लगा रही हैं। यहां लोगों की ओर से बड़े स्तर पर सड़े गले कपड़े, पूजा सामग्री को फेंका जा रहा हैं। स्थानीय नगर परिषद और प्रशासन फिलहाल इस प्राचीन नदी के रखरखाव की जिम्मेवारी को निभा नहीं रहा हैं लेकिन नगर परिषद संतोषगढ़ इसकी सफाई व्यवस्था के लिए सीधे रूप से हाथ पीछे खींच रही हैं। ऐसे में इस नदी को साफ करने का जिम्मा अब क्षेत्र के युवाओं में संभाल लिया हैं।
स्वां नदी की सफाई को बरकरार रखने की कड़ी में स्थानीय युवाओं ने यहां सफाई अभियान चलाया। स्वां नदी में गिरे हुए गंदे कपड़े, फोटो आदि सामग्री निकाली। उन्होंने नगर परिषद से नदी में सफाई को लेकर मांग की। लेकिन उन्होंने इसकी जिम्मेवारी न होने की बात कही। युवाओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन संतोषगढ़ पुल पर नंगल डैम की तरह जाल लगाए। ताकि ऊपर से कोई गंदगी यहां न फैंके। आखिर पूजनीय नदी का रखवाला कौन है ? यह सरकार और प्रशासन स्पष्ट करे।
