संजु चौधरी, शिमला: जेओए आईटी के प्रश्न पत्र लीक मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की ओर से हमीरपुर कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग को निलंबित कर दिया गया था। वहीं मंगलवार को निलंबन के करीब 2 माह बाद सरकार ने हमीरपुर कर्मचारी अधिनस्थ चयन आयोग को भंग करने का बड़ा फैसला लिया हैं। आयोग को भंग करने के बाद अब हमीरपुर कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग की सभी तरह की भर्ती प्रक्रिय हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (शिमला) की ओर से करवाई जाएगी।
मामले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले 3 साल से हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में भर्तियों में भारी धांधली हुई और लाखों में पेपर लीक कर के बेचे गए। इसकी जांच करने के बाद यह निकलकर सामने आया है कि हमीरपुर चयन आयोग में भर्तियों में भारी गड़बड़ियां हुई हैं, यहां तक कि जो पेपर हुए हैं जिनके परिणाम आने हैं उनके पेपर भी लीक हुए हैं। अभी मामले की जांच चल रही है और जो भी कर्मचारी इसमें संलिप्त हैं उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर चयन आयोग के सभी कर्मचारी दूसरे विभागों में भेजे जाएंगे। जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक भर्ती प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ही देखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ऊपर से लेकर नीचे तक आयोग में कर्मचारियों व अधिकारियों की, संलिप्तता पाई गई हैं। आगे जांच के बाद राष्ट्रीय स्तर की भर्ती एजेंसी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश भर्तियां करवाई जाएंगी।
