Shimla, 2 January-:हिमाचल प्रदेश में बीपीएल सूची को लेकर प्रस्तावित बदलावों पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार गरीबों को योजनाओं से बाहर करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बीपीएल के नए नियम लागू होने से बड़ी संख्या में पात्र परिवार सूची से बाहर हो सकते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को नुकसान होगा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार की नीतियों से आम आदमी, गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। अब बीपीएल के मापदंडों में बदलाव कर सरकार गरीब परिवारों की सहायता में कटौती करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक सुधार के बजाय गरीब विरोधी कदम करार दिया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। उनके अनुसार गरीबों और ग्रामीणों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन्हें लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
डॉ. बिंदल ने मनरेगा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने समय पर अपना अंशदान नहीं दिया, जिससे मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस विफलता का दोष केंद्र पर डालती रही है।इसके अलावा उन्होंने आपदा राहत को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए। भाजपा नेता का कहना है कि केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए करोड़ों रुपये की सहायता दी, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि राहत राशि जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रही और विकास कार्य प्रभावित हैं।डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा प्रदेश की जनता, गरीबों और आपदा प्रभावित परिवारों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो भाजपा सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी।
Chandrika
