अरविंदर सिंह,हमीरपुर: विधानसभा चुनावों से ठीक पहले प्रदेश में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा भी तूल पकड़ रहा है। इस वन रैंक वन पेंशन को लेकर कांग्रेस की ओर से भाजपा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सेवानिवृत्त मेजर जनरल एवं कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के इंचार्ज डीएस राणा ने भाजपा सरकार पर वन रैंक वन पेंशन स्कीम को वन रैंक मैंनी पेंशन बनाने और सैनिकों पूर्व सैनिकों के साथ योजनाओं को लेकर अन्याय करने का आरोप लगाया है।
डीएस राणा ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि वर्ष 2019 से 2021 तक 40000 युवाओं ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तहत सेना की भर्ती के लिए पहले फिजिकल टेस्ट और फिर लिखित टेस्ट दिया था लेकिन बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। आज हजारों युवाओं से इस भर्ती की सुविधा छीन ली गई है। इन बेरोजगारों और इनके परिवारों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। फौजी अपने मन की बात जुबान पर नहीं लाता है लेकिन उसके दिल में गुस्सा है । फ़ौजी अनुशासन में रहकर ही अपनी बात रखता है ओर उनके गुस्से का खामियाजा अब सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सैनिक परिवारों के साथ छल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अग्नि वीर एक बहुत बड़ा धोखा युवाओं के साथ है इस योजना को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 4 साल में फौजी तैयार नहीं किया जा सकता है जो देश की तन मन से सेवा कर सके, सिर्फ गुमराह करने के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना को लांच किया है। वहीं वन रैंक वन पेंशन के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। सीएसडी कैंटीन हो या फिर ईसीएचएस स्कीम इन सब में सरकार ने कटौती कर दी है। सैनिकों पूर्व सैनिकों से सुविधाएं छीनने की कोशिश की जा रही है जिसका जवाब अब सैनिक सरकार को चुनावों के माध्यम से ही देंगे।
