अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में देरी कर उन्हें आगे सरकाने का आरोप कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाया जा रहा है। कांग्रेस चुनावों को समय पर ना करवाने को लेकर भाजपा पर निशाना साध रही है। सुजानपुर के विधायक और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र राणा ने कहा है कि प्रदेश में हुए 4 उपचुनाव में हार का ट्रेलर देख चुकी भाजपा अभी तक सदमे से नहीं उबर पाई है और जानबूझकर चुनावों की तिथि आगे सरकाने की कोशिशों में जुटी है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि शिमला नगर निगम के चुनाव भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में करवा नहीं पाई है और अपनी हालत पतली देखकर यह विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकने से कतरा रही है। इसी तरह केंद्र में भाजपा सरकार के दबाव के चलते केंद्रीय चुनाव आयोग हिमाचल में चुनाव की घोषणा को लगातार टाल रहा है जबकि 5 साल पहले अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते में चुनावी बिगुल बज गया था। राजेंद्र राणा ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी ,भ्रष्टाचार और कुशासन सहित अनेक मोर्चों पर बुरी तरह घिरी भाजपा सरकार इन चुनावों में जनता का सामना करने से बुरी तरह घबरा रही है और लगातार आधे अधूरे भवनों का उद्घाटन करने का जो सिलसिला इन दिनों सरकार ने शुरू कर रखा है, उससे भाजपा की घबराहट, हताशा और बेचैनी साफ झलकती है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में नवंबर के शुरू में बर्फबारी होने का अंदेशा लगातार रहता है। इसी तथ्य को मद्देनजर रखते हुए अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते में हिमाचल में चुनावों की घोषणा कर दी जाती है, लेकिन इस बार घोषणा करने में जिस तरह अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, उससे साफ लगता है कि चुनाव आयोग भाजपा सरकार के दबाव में है। उन्होंने कहा प्रदेश की जनता भाजपा को उसकी वादाखिलाफी का सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है और जनता का मिजाज यह बता रहा है कि इन चुनावों में भाजपा की करारी हार तय है।
