राहुल चावला, धर्मशाला-:ओबीसी आयोग में गैर-ओबीसी समुदाय से जुड़े लोगों की नियुक्ति को लेकर जिला कांगड़ा भाजपा ओबीसी मोर्चा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय चौधरी और महामंत्री तिलक पटाकू ने सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय करार दिया।तिलक पटाकू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब 18 लाख और कांगड़ा जिले में लगभग 10 लाख ओबीसी आबादी है। इसके बावजूद ओबीसी आयोग में समुदाय से जुड़े योग्य लोगों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी ओबीसी आबादी है तो सरकार को आयोग में समुदाय के कम से कम दो सदस्यों को शामिल करने में क्या आपत्ति थी।
तिलक पटाकू ने कहा कि आयोग में गैर-समुदाय के लोगों की नियुक्ति से ओबीसी समाज में रोष है। इसे समुदाय की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के फैसले की निंदा की। पटाकू के अनुसार, 10 अगस्त को भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर आयोग में की गई नियुक्तियों को रद्द करने की मांग उठाई है।मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की तो ओबीसी मोर्चा आंदोलन को तेज करेगा और सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान ओबीसी समुदाय से जुड़े मंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए।इस मौके पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के कोषाध्यक्ष राजेश, सुमित चौधरी, कप्तान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
