राकेश,ऊना: गुरुवार को जिला ऊना में बीजेपी कार्यालय में बीजेपी ऊना मंडल की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा ऊना सदर से विधायक सतपाल सत्ती ने विशेष तौर पर शिरकत की। इस दौरान ऊना मंडल भाजपा के तमाम पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इस मीटिंग में भाजपा की ओर से आने वाले कार्यक्रमों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।
सतपाल सत्ती ने बताया की बीजेपी आने वाली 14 अगस्त को एक अहम कार्यक्रम करने जा रही हैं। 14 अगस्त 1947 को देश का बंटवारा हुआ था कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण। देश का बंटवारा हुआ था लाखों लोगों की मौ+त हुई थी। हजारों लोग बेघर हुए थे यह कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण हुआ है इसलिए बीजेपी 14 अगस्त को विभीषिका दिवस के रूप में मनाएगी और लोगों को यह बताया जाएगा कि 14 अगस्त 1947 को कांग्रेस पार्टी की ओर से जो गलत नीति अपनाकर हजारों लोगों की मौ+त हुई थी और लोग अपने घरों से बेघर हो गए थे इसके बारे में जानकारी लोगों को दी जाएगी।
उन्होंने 16 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी। इसके साथ मेरा देश मेरा माटी कार्यक्रम तहत हर गांव से मिट्टी लेकर दिल्ली के बार मेमोरियल में पहुंचने की बात भी कही। वहीं 30 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर महिला मोर्चा कि ओर से रक्षाबंधन के ऊपर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी भी सतपाल सत्ती की ओर दी गई।
इस मौके पर बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती ने कांग्रेस सरकार पर भी जमकर नि+शाना साधा। उन्होंने कहा की कांग्रेस पार्टी के अंदर गुटबाजी बढ़ गई हैं। सरकार और संगठन में तालमेल नहीं हैं। सरकार प्रदेश में आई बाढ़ के समय में संगठन और सरकार में पड़ी गुटबाजी से निपटने में लगा रही हैं। कांग्रेस के नेता ही अपनी सरकार को लेकर आए दिन बयान दे रहे हैं। सुधीर शर्मा, विक्रमादित्य, प्रतिभा सिंह की ओर से दिए गए विरोधाभासी बयान से साफ जाहिर होता है यह सरकार अब ज्यादा समय तक नहीं चलने वाली हैं।
उन्होंने कहा की सुधीर शर्मा की ओर से मानसून सत्र की मांग करना क्योंकि कांगड़ा जिला का सरकार बनाने में अहम रोल हैं। 10 सीट वहां से कांग्रेस ने जीती हैं, लेकिन इसके बावजूद कांगड़ा जिला को सरकार में कोई बड़ा स्थान नहीं मिला हैं। आज विकास के कार्य रुके पड़े हैं। मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पा रहा हैं। मंत्रिमंडल में मंत्रियों के 3 पद खाली पड़े हुए हैं प्रदेश कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस हाईकमान इस पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है कि किसको मंत्री बनाएं या किसको नहीं जानता ने लुभावने वायदे में फंसकर इन्हें वोट दिया हैं लेकिन अब जनता इनको कोस रही हैं।
