राहुल चावला,धर्मशाला: धर्मशाला के योल कैंट में अपने समय के प्रतिष्ठित विद्यालय एएफसीबी हाई स्कूल की अब हालत दिनोदिन खस्ता होती चली जा रही हैं। आलम यह है कि अप्रैल 2023 से पहले जिस स्कूल में दाखिला पाने के लिए छात्रों और अभिभावकों में मारामारी लगी रहती थी। आज उसी स्कूल की शिकायत को लेकर अभिभावकों, ग्रामीणों और समाज सुधारक सभाओं को जिलाधीश कांगड़ा की चौखट पर आना पड़ गया हैं। स्कूल कितना नामी और मशहूर था। इस बात का आंकलन इस स्कूल में पढ़ रहे 6 सौ से ज़्यादा बच्चों की संख्या से स्वत ही लगाया जा सकता हैं।
इसके जैसे ही इस साल योल कैंटोनमेंट एरिया से ये स्कूल बाहर हुआ उसके बाद एकदम से यहां आउटसोर्स पर तैनात अध्यापकों को एकाएक हटा दिया गया और अब यहां महज़ 11 ही अध्यापक बचे हैं जिनके लिए इस स्कूल की स्ट्रेंथ को अनुशासन में लाना ही टेढ़ी खीर साबित हो रहा हैं। पढ़ाई करवाना तो दूर की बात हैं, ऐसे में अपने बच्चों का भविष्य अधर में लटकते और अंधकारमय होते देख योल की लोक विकास ग्रामीण सभा की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीण जिलाधीश कांगड़ा के कार्यालय में पहुंच गए। जहां उन्होंने जिलाधीश से स्कूल की दुर्दशा को संभालने की अपील करते हुए मांग रखी कि यहां जल्द से जल्द अतिरिक्त अध्यापकों की तैनाती की जाये ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
ग्रामीण सभा के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा कि स्कूल में सेकेंड टर्म की पढ़ाई शुरू हो चुकी हैं। मगर अभी भी बच्चों के सिलेबस ज्यों का त्यों है क्योंकि स्कूल में अध्यापकों की बेहद कमी हैं और अगर यही आलम रहा तो निकट भविष्य में इसका खामियाजा बच्चों और अभिभावकों को उठाना पड़ेगा।
बता दें कि योल कैंटोनमेंट बोर्ड के तहत साल 1954 में एएफसीबी हाई स्कूल की स्थापना हुई थी जहां नजदीक और दूर दराज के क्षेत्रों से सैकड़ों छात्र अध्ययन करने आते रहे हैं और आर्मी बोर्ड के तहत होने के चलते यहां का परीक्षा परिणाम भी बेहद अच्छा रहा हैं। मगर अब अप्रैल 2023 के बाद से ये स्कूल कैंटोनमेंट एरिया से बाहर हो जाने के चलते सरकार की ओर से इस स्कूल को लेकर कोई सरकारी अधिसूचना जारी नहीं की हैं। नतीज़तन आज यहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं।
