आरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में विधानसभा चुनावों में भाजपा की ओर से मिशन रिपीट का दावा किया जा रहा है। भाजपा यह दावा कर रही है कि वह दोबारा से हिमाचल कि सत्ता पर काबिज होगी। तो वहीं कांग्रेस की ओर से बीजेपी के इस दावे पर लगातार तंज कसा जा रहा है। बीजेपी की ओर से प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लगने से पहले किए गए उद्घाटन पर भी कांग्रेस ने भाजपा को घेरा है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सुजानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि अधूरे निर्माण कार्यों के फटाफट पूरे उद्घाटन करने वाली बीजेपी सरकार को खुद भी भरोसा नहीं है कि वह सत्ता में लौट पाएगी।
राणा ने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी पर मौन और मूक बीजेपी की घोषणाएं व वायदे निरा झूठ व कोरे झूठ के पुलिंदे हैं। बीजेपी के झूठों को जनता अब पूरी तरह जान चुकी है,क्योंकि यह वही हैं जो महंगाई कम करने, 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने, काला धन वापिस लाने के शगूफे व शोशों की झूठी घोषणाएं करने के बाद सत्ता में आए हैं और बीजेपी के सत्ता में आते ही महंगाई कम होने की बजाए आसमान छूने लगी है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि बेरोजगारों को नया रोजगार तो क्या देना था जो रोजगार उन्हें जैसे-कैसे पहले मिला भी था वह भी कोविड काल व उसके बाद छिन गया है। विभिन्न टैक्सों का बोझ बीजेपी ने धीरे-धीरे बढ़ाकर जनता के सहने की क्षमता का परिक्षण किया। जनता की सहन शक्ति का परिक्षण बीजेपी ने निरंतर अपने कार्यकाल में जारी रखा है। लोकहित की बजाय राष्ट्रवाद के नाम पर पूंजीवाद को पोषित किया है जबकि आम जनता के हितों को शोषित किया है। यही कारण है कि समाज में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार बढ़ी है। विकास नाम की कोई चीज इन पांच सालों में नहीं दिखी है,जबकि 30 हजार करोड़ के करीब का कर्जा सरकार ने हिमाचल पर लादा है।
राणा ने कहा कि अब प्रदेश के कर्मचारियों के साथ हर वर्ग ने यह ठान लिया है कि गरीबों की हितैषी कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाना है व बीजेपी को घर बैठाना है ताकि लोकतंत्र के माइने बीजेपी की मार्केटिंग के मुताबिक नहीं बदलें। लोकतंत्र को बाजारू तर्ज पर चलाना गलत ही नहीं बल्कि अनैतिक भी है। शायद यही कारण है कि बीजेपी कुनबे के अपने लोग भी उनकी सरकार के धुर-विरोधी बने हुए हैं, जबकि विधानसभा 2022 का चुनावी माहौल कांग्रेस के पाले में सशक्त होता जा रहा है। यही कारण है कि चुनाव के इस मौके पर कांग्रेस व जनता ही नहीं बल्कि बीजेपी के अपने भी उनके खिलाफ चुनाव का बिगुल बजा रहे हैं।
