संजु चौधरी, शिमला: भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जनविरोधी निर्णय लेने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है जिस पर सरकार चुप्पी साधे हुए हैं यह बात आज शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहीं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के नॉन प्रैक्टिस अलाउंस को बंद करने का निर्णय गलत हैं। इसका सीधा असर लोगों पर भी पड़ेगा। डॉक्टर्स के साथ जनता के हित में इस निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए। लोक निर्माण व जल शक्ति विभाग के करोड़ों रुपए के काम हुए हैं लेकिन टेंडर की राशि ठेकदारों को नहीं मिल पाई हैं। इस सारे मामले पर संबंधित मंत्रियों ने चुप्पी साधी हुई हैं। जो दिखाता है कि कांग्रेस में गुटबाजी पूरी तरह से हावी हैं।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर चयन आयोग में धांधलियों की जांच अभी तक नही हुई न ही परीक्षाओं के परिणाम निकल पाए हैं। उन्होंने कहा कि 2 साल तक का कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारी अभी भी नियमित नहीं हुए हैं जबकि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने नगर निगम चुनावों के दौरान की थी।
रणधीर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया हैं। भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर हाल ही में एक गुमनाम पत्र जारी हुआ है जिसे जारी करने वाला मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी हैं, लेकिन मुख्यमंत्री इसकी जांच नहीं करवा रहे हैं। यह सरकार शुरुआत में ही भ्रष्टाचार में घिर चुकी हैं। सरकार गुमनाम व्यक्ति का हवाला देकर इससे पल्ला झाड़ रही है। ये आरोप गंभीर हैं।
उन्होंने पूछा की क्या वह जांच करवाएंगे अगर नहीं तो मुख्यमंत्री केंद्र से सीबीआई जांच की मांग करेंगे? वहीं एचपीटीडीसी की लिफ्ट का किराया 10 रुपए से बढ़ाकर 20 रुपए करने पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सीधा आम लोगों और पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ हैं। इन जनविरोधी निर्णय पर पुनर्विचार करना होगा।
